गुवाहाटी: वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे वनडे में 406 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने 8 विकेट से ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इस जीत के हीरो कप्तान शुभमन गिल रहे, जिन्होंने नाबाद 223 रनों की रिकॉर्डतोड़ पारी खेली। हालांकि, गुवाहाटी की तेज गर्मी और लगातार बल्लेबाजी के बीच गिल की हालत भी खराब हो गई थी। मैच के बाद उन्होंने बताया कि उनके शरीर का लगभग हर हिस्सा क्रैम्प कर रहा था।
406 रन के लक्ष्य का ऐतिहासिक पीछा
वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 405/7 का विशाल स्कोर खड़ा किया था। जवाब में भारत ने 406 रनों के लक्ष्य को सिर्फ 39 गेंद शेष रहते 8 विकेट से हासिल कर लिया। यह वनडे क्रिकेट के इतिहास में सफलतापूर्वक हासिल किया गया दूसरा सबसे बड़ा लक्ष्य है।
शुभमन गिल ने इस रिकॉर्ड चेज में कप्तानी पारी खेलते हुए नाबाद 223 रन बनाए। उनकी पारी में 26 चौके और 8 छक्के शामिल रहे। उन्होंने 167.67 के शानदार स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की और भारत को जीत की मंजिल तक पहुंचाया। इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की वनडे सीरीज भी अपने नाम कर ली है, जबकि सीरीज का एक मुकाबला अभी बाकी है।
‘मेरे शरीर का हर हिस्सा क्रैम्प कर रहा था’
गुवाहाटी की गर्मी में लंबे समय तक मैदान पर रहने के बाद गिल ने अपनी शारीरिक स्थिति के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने मैच के बाद कहा, ‘मुझे लगता है कि इस समय मेरे शरीर का हर हिस्सा क्रैम्प कर रहा है। दोपहर में बहुत गर्मी थी। जब करीब 13 ओवर हुए थे, तब ऐसा लग रहा था कि हम पहले ही 20-25 ओवर फील्डिंग कर चुके हैं, जिस तरह से उन्होंने बल्लेबाजी की थी। लेकिन कुल मिलाकर यह शानदार मुकाबला रहा।’
89 गेंदों में 150, 117 गेंदों में दोहरा शतक
गिल ने अपनी ऐतिहासिक पारी के दौरान कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए। उन्होंने सिर्फ 89 गेंदों में 150 रन पूरे किए। इसके बाद 39वें ओवर में लॉज की गेंद पर सिंगल लेकर 117 गेंदों में अपना दोहरा शतक पूरा किया।
इस दोहरे शतक के साथ गिल ने ईशान किशन का रिकॉर्ड तोड़ दिया। ईशान ने 2022 में बांग्लादेश के खिलाफ 126 गेंदों में वनडे दोहरा शतक बनाया था। गिल ने 117 गेंदों में 200 रन पूरे करके वनडे क्रिकेट में सबसे तेज दोहरा शतक लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
कप्तान के तौर पर टेस्ट और वनडे में दोहरे शतक
यह शुभमन गिल का वनडे क्रिकेट में दूसरा दोहरा शतक है। इसके साथ वह क्रिकेट इतिहास के ऐसे इकलौते कप्तान बन गए हैं, जिन्होंने कप्तानी करते हुए टेस्ट और वनडे दोनों फॉर्मेट में दोहरे शतक लगाए हैं। गिल ने इससे पहले वनडे में न्यूजीलैंड के खिलाफ 2023 में 208 रन की पारी खेली थी।
गिल ने मैक्सवेल का रिकॉर्ड भी तोड़ा
शुभमन गिल की नाबाद 223 रन की पारी ने सफल वनडे रन चेज में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के ग्लेन मैक्सवेल के 201* रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। मैक्सवेल ने 2023 वनडे वर्ल्ड कप में अफगानिस्तान के खिलाफ नाबाद 201 रन बनाकर अपनी टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई थी। अब गिल की 223* रन की पारी इस रिकॉर्ड में सबसे ऊपर है।
‘400 रन का पीछा करना कभी आसान नहीं होता’
406 रन के लक्ष्य को देखकर भारत पर दबाव था। गिल ने माना कि इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करना आसान नहीं था। उन्होंने कहा, ‘हाफ टाइम पर बोर्ड पर 400 रन थे और हम पर थोड़ा दबाव था। विकेट कितना भी अच्छा हो और मैदान कितना भी छोटा हो, 400 रन का पीछा करना कभी आसान नहीं होता। इसलिए प्रदर्शन से बहुत खुश हूं और खुशी है कि मैं अंत तक टिक सका और टीम के लिए मैच खत्म कर पाया।’
गिल ने बताया कैसे बनाया 406 रन का प्लान
गिल ने बताया कि उन्होंने इतने बड़े लक्ष्य को एक साथ हासिल करने के बजाय छोटी-छोटी योजनाओं में बांटकर बल्लेबाजी की। उन्होंने कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो यह सिर्फ खेलने के बारे में है। मैं मैच को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटता हूं।’
उन्होंने आगे कहा, ‘सबसे पहले हमने पावरप्ले के लिए लक्ष्य तय किया था कि अगर बिना विकेट गंवाए करीब 75-80 रन बना लेते हैं तो यह अच्छी शुरुआत होगी। शुरुआत में नई गेंद के साथ थोड़ी मदद मिल सकती थी।’
गिल ने कहा, ‘जब गेंद पुरानी हो जाएगी तो विकेट बल्लेबाजी के लिए काफी बेहतर हो जाएगा। मैदान का एक हिस्सा काफी छोटा था, इसलिए हमने सोचा कि जब तेज गेंदबाज आएंगे तो उस हिस्से को निशाना बनाएंगे।’
उन्होंने आगे बताया, ‘करीब 25 ओवर के बाद मैंने सोचा था कि अगर हम 200-210 रन के आसपास होंगे तो अच्छी स्थिति में होंगे। लेकिन हम करीब 230-240 रन तक पहुंच गए और पावरप्ले के बाद दबाव वास्तव में हम पर नहीं था, बल्कि उन पर था।’ गिल ने कहा, ‘हमने पारी के आधे हिस्से तक कोई विकेट नहीं गंवाया, जो हमारे लिए एक शानदार बोनस था।”
भारतीय गेंदबाजी पर भी गिल ने जताई नाराजगी
बल्लेबाजी में शानदार प्रदर्शन के बावजूद गिल ने भारत की गेंदबाजी पर भी ईमानदारी से अपनी राय रखी। उन्होंने माना कि पावरप्ले में भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा और वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने शुरुआत में खुलकर बल्लेबाजी की।
गिल ने कहा, ‘मुझे लगा कि शुरुआत में हमने पावरप्ले में अच्छी गेंदबाजी नहीं की, ठीक उसी तरह जैसे पहले मैच में भी हुआ था। हमने पावरप्ले में अच्छी गेंदबाजी नहीं की और उन्होंने काफी आजादी के साथ बल्लेबाजी की।’
उन्होंने आगे कहा, ‘उन्होंने काफी अच्छी बल्लेबाजी की और एक समय ऐसा लग रहा था कि वे 420-430 रन तक पहुंच सकते हैं। लेकिन आखिर में 25-30 रन भी रोक पाना हमारे लिए बोनस था।’ वेस्टइंडीज को 405/7 तक सीमित करने के लिए भारतीय गेंदबाजों ने आखिरी ओवरों में वापसी की, जिससे भारत के सामने लक्ष्य 406 रन का रहा।
तीसरे वनडे में नए खिलाड़ियों को मिल सकता है मौका
भारत ने दो मैचों के बाद तीन मैचों की सीरीज अपने नाम कर ली है। ऐसे में तीसरे और अंतिम वनडे में टीम मैनेजमेंट अपनी बेंच स्ट्रेंथ को आजमा सकता है। गिल ने संकेत दिया कि जिन खिलाड़ियों को अब तक मौका नहीं मिला है, उन्हें अंतिम मुकाबले में उतारा जा सकता है। उन्होंने कहा, “शायद। मैं निश्चित रूप से उन खिलाड़ियों को मौका देना चाहता हूं, जिन्हें अब तक मौका नहीं मिला है। उम्मीद है कि हम देख पाएंगे कि कौन सा संयोजन हमारे लिए बेहतर है और उन्हें भी खेलने का मौका मिलेगा।’















