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वर्क फ्रॉम होम से लेकर सोना न खरीदने तक…PM मोदी क्यों कर रहे देश से ये बड़ी अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (10 मई) को लोगों से पेट्रोल-डीजल बचाने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने, वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था को दोबारा से शुरू करने, गैर-जरूरी चीजों की खरीदारी और विदेश यात्राओं से बचने की अपील की. उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के चलते खड़े हुए वैश्विक संकट से निपटने के लिए विदेशी मुद्रा को बचाने पर जोर दिया. प्रधानमंत्री ने कहा, देशभक्ति सिर्फ जान देना नहीं बल्कि मुश्किल वक्त में जिम्मेदारी से जीना भी देशभक्ति है. आइए जानते हैं प्रधानमंत्री मोदी की इस बड़ी अपील के पीछे क्या मायने हैं.

मेट्रो, कारपूल, EV अपनाओ
प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से ब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने की अपील की. उन्होंने मेट्रो, कारपूल, EV अपनाने पर जोर दिया. इसकी वजह यह है कि भारत 85 प्रतिशत तेल बाहर से मंगाता है, पश्चिमी एशिया में तनाव बढ़ने के चलते क्रूड ऑयल की कीमत 120 डॉलर तक पहुंच गई थीं.

वर्क फ्रॉम होम करो

पीएम मोदी ने वर्क फ्रॉम होम करने पर जोर दिया. इसके पीछे सीधा हिसाब है. दफ्तर आने-जाने में रोजाना लाखों लीटर पेट्रोल-डीजल जलता है. कॉर्पोरेट कंपनियाँ अगर हफ्ते में कुछ दिन भी वर्क फ्रॉम होम लागू करें तो ईंधन की खपत और आयात का बोझ दोनों कम हो सकते हैं.

1 साल विदेश यात्रा टालो

पीएम ने नागरिकों से अपील की कि वे गैर जरूरी विदेश यात्रा, विदेश में छुट्टियां मनाने और विदेशी शादियों से बचकर और घरेलू पर्यटन और भारत के भीतर समारोह आयोजित करके विदेशी मुद्रा भंडार को संरक्षित करने में मदद करें. क्योंकि रुपया 85 से टूटकर 93 पर आ गया, डॉलर बचाना जरूरी है.

1 साल सोना मत खरीदो

पीएम मोदी ने लोगें से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की. भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना खरीदने वाला देश है और हम हर साल करीब 59 अरब डॉलर यानी लगभग पांच लाख करोड़ रुपए का सोना बाहर से मंगाते हैं. सिर्फ अप्रैल से सितंबर 2025 के छह महीनों में 26.51 अरब डॉलर का सोना आया. दिवाली और शादी के सीजन में अक्टूबर 2025 में तो सोने का आयात 200 प्रतिशत उछल गया, जिसने व्यापार घाटे को रिकॉर्ड 41.68 अरब डॉलर तक पहुंचा दिया. SBI रिसर्च के मुताबिक सोने की कीमत और रुपए की कमजोरी के बीच सीधा रिश्ता है. सोना महंगा होता है तो रुपया और टूटता है.

मेड इन इंडिया सामान खरीदो

प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकों को मेड-इन-इंडिया और लोकल लेवर पर बनने वाले प्रोडक्ट्स को प्राथमिकता देने के लिए प्रोत्साहित किया, जिनमें जूते, बैग और सहायक उपकरण जैसी दैनिक उपयोग की वस्तुएं शामिल हैं. वजह यह है कि 2025-26 में भारत का व्यापार घाटा बढ़ रहा है. चीन और दूसरे देशों का सस्ता सामान इस घाटे को और बढ़ा करता है. भारतीय सामान खरीदने से आयात कम होगा और देश के उद्योग और रोजगार को फायदा मिलेगा.

किसान -खाद 50% घटाओ, सौर पंप लगाओ

पीएम मोदी ने किसानों से अपील कि वे रासायनिक खाद 50 प्रतिशत कम करें प्राकृतिक खेती अपनाएं और डीजल पंप की जगह सौर पंप लगाएं. भारत यूरिया की अपनी जरूरत का 25 प्रतिशत, फास्फेट का 90 प्रतिशत और पोटाश का पूरा 100 प्रतिशत विदेश से मंगाता है. 2023-24 में सिर्फ उर्वरक सब्सिडी का बोझ 1.75 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया. यूरिया बनाने के लिए प्राकृतिक गैस चाहिए जो खुद आयात होती है. पश्चिम एशिया संकट में गैस महंगी हुई तो खाद महंगी हुई और सरकार की सब्सिडी और बढ़ी. खाद कम करो तो यह पूरी चेन टूटती है.

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