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भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तार, शराब घोटाला केस में हुई गिरफ्तारी, 5 दिन की रिमांड

रायपुर. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को गिरफ्तार कर लिया है। कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में छापेमारी के बाद चैतन्य को गिरफ्तार कर लिया गया। संयोग से आज ही चैतन्य का जन्मदिन भी है। बताया जा रहा है कि नए सबूत मिलने के बाद ईडी ने धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दुर्ग जिले के भिलाई शहर में स्थित भूपेश बघेल के आवास पर छापेमारी की थी। यह पिता-पुत्र का साझा आवास है।
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को कोर्ट ने 5 दिन की रिमांड पर भेजा है. शराब घोटाला मामले में उन्हें आज गिरफ्तार किया गया. भिलाई में शुक्रवार सुबह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के घर पर ED ने शराब घोटाला मामले में छापेमारी की. 7 घंटे की छापेमारी के बाद टीम ने भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को अरेस्ट किया गया.
बघेल के आवास के बाहर भारी संख्या में पुलिसकर्मी और समर्थकों का जमावड़ा था। दोपहर में ईडी की टीम चैतन्य को अपने साथ ले गई। कांग्रेस समर्थकों ने ईडी की टीम के सामने काफी नारेबाजी की और गाड़ी को रोकने का प्रयास किया। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद ईडी की गाड़ियों के लिए रास्ता बनाया। केंद्रीय जांच एजेंसी ने 10 मार्च को भी चैतन्य बघेल के खिलाफ इसी तरह की छापेमारी की थी।

पूर्व सीएम बोले- ताउम्र याद रहेगा
पूर्व सीएम ने बेटे के जन्मदिन पर ईडी के ऐक्शन को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि उन्हें ताउम्र यह तोहफा याद रहेगा। उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘जन्मदिन का जैसा तोहफा मोदी और शाह जी देते हैं वैसा दुनिया के किसी लोकतंत्र में और कोई नहीं दे सकता। मेरे जन्मदिन पर दोनों परम आदरणीय नेताओं ने मेरे सलाहकार और दो ओएसडी के घरों पर ईडी भेजी थी। और अब मेरे बेटे चैतन्य के जन्मदिन पर मेरे घर पर ईडी की टीम छापामारी कर रही है। इन तोहफों का धन्यवाद। ताउम्र याद रहेगा।’

ऐक्शन को बघेल ने अडाणी के मुद्दे से जोड़ा
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि ईडी विधानसभा सत्र के आखिरी दिन उनके घर आई है, जब रायगढ़ जिले के तमनार तहसील में अडाणी समूह की कोयला खदान परियोजना के लिए पेड़ों की कटाई का मुद्दा उठाया जाना था। उनके कार्यालय ने ‘एक्स’ में एक पोस्ट में कहा, ‘आज विधानसभा के मॉनसून सत्र का अंतिम दिन है। तमनार में अदाणी के लिए काटे जा रहे पेड़ों का मुद्दा आज उठना था। भिलाई निवास में ‘साहेब’ ने ईडी भेज दी है।’ बघेल ने इस महीने की शुरुआत में रायगढ़ जिले के तमनार तहसील का दौरा किया था और कोयला खदान परियोजना के लिए पेड़ों की कटाई का विरोध कर रहे स्थानीय ग्रामीणों के प्रति समर्थन व्यक्त किया था। यह खदान महाराष्ट्र राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड को आवंटित है, जिसने एमडीओ (खदान विकासकर्ता सह संचालक) का ठेका अदाणी समूह को दिया है।

ईडी का आरोप- शराब घोटाले में चैतन्य को भी पैसा
ईडी ने पहले दावा किया था कि चैतन्य बघेल पर कथित शराब घोटाले से धन प्राप्त करने का संदेह है। यह कहा गया कि इस घोटाले के परिणामस्वरूप राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ और शराब घोटाले में शामिल गिरोह के लाभार्थियों के जेबों में 2,100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि गई।

मंत्री समेत कई हो चुके गिरफ्तार
इस मामले में ईडी ने जनवरी में पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता कवासी लखमा के अलावा रायपुर के महापौर और कांग्रेस नेता एजाज ढेबर के बड़े भाई अनवर ढेबर, पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, भारतीय दूरसंचार सेवा (आईटीएस) के अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी और कुछ अन्य लोगों को जांच के तहत गिरफ्तार किया था।

क्या है छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले का आरोप
ईडी के अनुसार छत्तीसगढ़ में यह कथित शराब घोटाला 2019 और 2022 के बीच हुआ था, जब छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार थी। इस जांच के तहत अब तक एजेंसी द्वारा विभिन्न आरोपियों की लगभग 205 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है। उच्चतम न्यायालय ने 2024 में इस मामले में ईडी की पहली प्राथमिकी (प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट) को रद्द कर दिया था, जो आयकर विभाग की शिकायत पर आधारित थी। इसके बाद ईडी ने नए सबूतों के आधार पर छत्तीसगढ़ के आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) /भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) से एक नई प्राथमिकी दर्ज करने को कहा और फिर एक नया मामला दायर किया। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) / भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने 17 जनवरी को प्राथमिकी दर्ज की। इस प्राथमिकी में 70 व्यक्तियों और कंपनियों के नाम शामिल किए गए, जिनमें पूर्व आबकारी मंत्री कावसी लखमा, पूर्व मुख्य सचिव विवेक ढांड और अन्य लोग शामिल हैं।

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