कनाडा के ओंटारियो प्रांत में पुलिस और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने संगठित ड्रग तस्करी के खिलाफ इतिहास की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। Project Bay नाम से चलाए गए इस गुप्त ऑपरेशन के तहत पुलिस ने सीमा पार से चल रहे एक विशाल तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। इस संयुक्त अभियान में लगभग 140 मिलियन डॉलर (भारतीय मुद्रा में करीब 1,100 करोड़ रुपये से अधिक) कीमत के नशीले पदार्थ, आधुनिक हथियार और नकदी ज़ब्त की गई है।
इस सबसे बड़े ऑपरेशन में 1.7 टन अवैध ड्रग्स ज़ब्त किए गए जिनमें कोकीन, अफीम और अन्य नशीले पदार्थ शामिल हैं। सीमा पार तस्करी के आरोप में 21 से ज़्यादा संदिग्धों पर मामला दर्ज किया गया है और उन्हें इस गंभीर अपराध के लिए मुकदमे का सामना करना होगा। इनमें से 19 आरोपियों को पकड़ लिया गया है जबकि दो अभी भी फरार हैं।
21 आरोपियों में से 13 दक्षिण एशियाई मूल के हैं जिनमें कुछ भारतीय नामों वाले लोग भी शामिल हैं। गिरफ्तार संदिग्धों में नवप्रीत सिंह, हनिंदरपाल ग्रेवाल, गगनदीप थिंडल, सिमरनजीत सिंह, कंवरपाल कुलार, जतिंदरपाल सिंह, जसविंदर सोही, तेजविंदर संधू, हरविंदर संधू और अन्य शामिल हैं।
खास बात यह है कि ओंटारियो कनाडा का सबसे ज़्यादा आबादी वाला प्रांत है और यहां 14 मिलियन से ज़्यादा लोग रहते हैं जो देश की कुल आबादी का लगभग 38 प्रतिशत है। ‘प्रोजेक्ट बे’ नाम के इस ऑपरेशन का मकसद अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े अवैध ड्रग्स की तस्करी को रोकना था।
कनाडा पुलिस और बॉर्डर सर्विसेज़ एजेंसी के एक आधिकारिक बयान के अनुसार सीमा पार इस ऑपरेशन को ‘प्रोजेक्ट बे’ नाम दिया गया था और इसके तहत 973 किलोग्राम संदिग्ध कोकीन, 660 किलोग्राम संदिग्ध मेथामफेटामाइन और 49 किलोग्राम संदिग्ध अफीम ज़ब्त की गई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक उनके पास से लगभग 17 हथियार (जिनमें एक एंटी-टैंक राइफल भी शामिल है), गोला-बारूद, प्रतिबंधित हथियार और उपकरण, महंगी ज्वेलरी, पैसे गिनने वाली मशीनें, 43 सेलफोन और छह लैपटॉप भी बरामद किए गए।
कनाडा के इतिहास में ड्रग्स के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक को अंजाम देने में होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेशन्स (HSI) और ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (DEA) समेत कई अमेरिकी एजेंसियों ने ऑपरेशनल और जांच में मदद की। जांच से पता चला कि ड्रग सिंडिकेट कमर्शियल ट्रांसपोर्टेशन इंडस्ट्री में ब्रोकर-स्टाइल मॉडल का इस्तेमाल करता था। जांच में पाया गया कि ड्राइवरों को भर्ती करने के लिए पहले से बने संपर्कों का इस्तेमाल किया जाता था ये ड्राइवर जानबूझकर वैध सप्लाई चेन में ड्रग्स छिपाकर सीमा पार ले जाते थे।















