घर की छत या बालकनी में ऑर्गेनिक सब्जियां उगाने का अपना एक अलग ही मजा है, और जब बात टमाटर की हो तो गार्डनिंग का शौक रखने वाला हर व्यक्ति इसे अपने बगीचे में जरूर शामिल करता है। लेकिन अक्सर लोगों की एक आम शिकायत होती है कि उनके टमाटर के पौधे में फूल तो बहुत सारे आते हैं, पर वे फूल फल में बदलने से पहले ही सूखकर गिर जाते हैं। या फिर अगर टमाटर आते भी हैं, तो उनका साइज बहुत छोटा रह जाता है।
अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो अब परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। गार्डनिंग एक्सपर्ट ने टमाटर के पौधे से बंपर और बड़े साइज की पैदावार लेने का एक खास ‘होम गार्डनिंग सीक्रेट’ शेयर किया है, जिसे बहुत कम लोग जानते हैं। जैसे ही आपके टमाटर के पौधे पर फूल आने लगें, आपको तुरंत एक जरूरी काम करना होगा। यह काम पौधे के न्यूट्रिशन को सही जगह पहुंचाने का काम करता है, जिससे आपका पूरा पौधा बड़े-बड़े, लाल और रसीले टमाटरों से भर जाएगा।
फूल आने पर पोषण का गणित समझना
जब टमाटर के पौधे पर पीले रंग के फूल आने लगते हैं, तो इस बात का संकेत होता है कि अब पौधे को फल बनाने के लिए भारी मात्रा में ऊर्जा और फर्टिलाइजर की जरूरत है। लेकिन कई बार बहुत अच्छी ऑर्गेनिक खाद देने के बाद भी पौधे पर टमाटर नहीं उगते।
इसका कारण है कि फूल हमेशा पौधे की ऊपरी और नई ब्रांच पर आ रहे होते हैं। जड़ों से मिलने वाला सारा पोषण नीचे से होता हुआ ऊपर की तरफ बढ़ता है। अगर इस पोषण के रास्ते में कोई रुकावट आ जाए, तो एनर्जी ऊपर फूलों तक नहीं पहुंच पाती और फूल फल बने बिना ही झड़ जाते हैं।
सकर्स यानी ‘पोषण चोर’ टहनियों की पहचान
माली के अनुसार, टमाटर के पौधे की मुख्य तने और उसकी बड़ी पत्तीदार टहनियों के बिल्कुल बीच के कोने यानि V-शेप का जोड़ जो होता है उससे छोटे-छोटे नए पौधे जैसी पत्तियां निकलने लगती हैं। गार्डनिंग की भाषा में इन्हें ‘सकर्स’ कहते है। ये सकर्स देखने में बहुत प्यारे और तेजी से बढ़ने वाले लगते हैं, लेकिन असल में पौधे के सबसे बड़े ‘पोषण चोर’ होते हैं। जैसे ही ये निकलते हैं, जड़ों से आने वाला सारा मुख्य न्यूट्रिशन और एनर्जी यही सकर्स सोख लेते हैं, जिससे फूलों को मिलने वाला पोषण आधा रह जाता है।
सकर्स को तुरंत हटाना
माली का सबसे बड़ा सीक्रेट यही है कि जैसे ही पौधे पर फूल दिखाई दें, आप मुख्य तने के जोड़ों से निकलने वाले इन छोटे-छोटे सकर्स को अपनी उंगलियों की मदद से पिंच करके तुरंत हटा दें। जब आप इन अनचाहे और एक्स्ट्रा ग्रोथ वाले हिस्सों को हटा देते हैं, तो पौधे की एनर्जी बेकार की पत्तियां और टहनियां उगाने में बर्बाद नहीं होती। सकर्स के हटते ही जड़ों का सारा का सारा पोषण सीधे ऊपर की तरफ ट्रांसफर होने लगता है और सीधे फूलों तक पहुंचता है।
सब-ब्रांच को न छुएं, रखें सावधानी
सकर्स हटाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि पौधे की मुख्य सब-ब्रांच को कोई नुकसान न पहुंचाएं। टमाटर के पौधे में कुछ बड़ी मजबूत टहनियां होती हैं जो फल का वजन संभालती हैं, इन्हें सब-ब्रांच कहा जाता है। केवल उन्हीं छोटे-छोटे पौधों को हटाना है जो पत्ती और मुख्य तने के ठीक बीच के गैप से बिल्कुल नए उग रहे हों। सब-ब्रांच को छेड़ने से पौधे का ढांचा कमजोर हो सकता है।
पोषण सीधे फूलों तक पहुंचने के फायदे
जब आप पौधे से सारे सकर्स साफ कर देते हैं, तो उसके जादुई परिणाम कुछ ही दिनों में दिखने लगते हैं। पूरा पोषण सीधे फूलों को मिलने के कारण, फूलों का झड़ना पूरी तरह बंद हो जाता है। हर एक फूल बहुत जल्दी मजबूत और बड़े साइज के टमाटर में बदलना शुरू हो जाता है। पोषण की कोई कमी न होने के कारण टमाटरों का आकार सामान्य से काफी बड़ा होता है, वे ज्यादा जूसी बनते हैं और पौधे पर टमाटरों की संख्या भी कई गुना बढ़ जाती है।
सकर्स हटाने के बाद सही फर्टिलाइजर और पानी देना
इस सीक्रेट कटाई को करने के तुरंत बाद पौधे की मिट्टी में पोटैशियम और फास्फोरस से भरपूर जैविक खाद जैसे- वर्मीकंपोस्ट, थोड़ी सी नीम की खली और केले के छिलके का लिक्विड फर्टिलाइजर दें। इसके साथ ही, जब पौधे पर फूल और फल बन रहे हों, तो मिट्टी में नमी बनाए रखें लेकिन ओवर-वाटरिंग न करें। पौधे को रोजाना 6 से 7 घंटे की अच्छी धूप वाली जगह पर रखें।













