सीपी राधाकृष्णन भारत के नए उपराष्ट्रपति बनने जा रहे हैं। मंगलवार को हुए चुनाव में उन्होंने 150 से ज्यादा वोटों के अंतर से विपक्षी गठबंधन INDIA के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी को हराया। खास बात है कि एनडीए सदस्यों की संख्या से ज्यादा वोट राधाकृष्णन को मिले हैं। वहीं, कांग्रेस के 315 के दावे के मुकाबले रेड्डी के खाते में कम वोट आए हैं।
कितने मार्जिन से जीते राधाकृष्णन
मंगलवार को हुए चुनाव में कुल 98.20 फीसदी मतदान हुआ था। इस दौरान 788 में से कुल 767 सांसदों ने मताधिकार का इस्तेमाल किया। शाम 6 बजे मतगणना शुरू हुई, जिसमें राधाकृष्णन को 452 और रेड्डी को 300 वोट मिले। खास बात है कि विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवार को मिले 15 वोट अवैध माने गए। जीत के लिए 391 मतों की जरूरत थी।
राज्यसभा महासचिव पीसी मोदी ने कहा, ‘एनडीए उम्मीदवार और महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को 452 प्रथम वरियता वोट मिले हैं। वह भारत के उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए हैं…। उपराष्ट्रपति पद के विपक्ष के उम्मीदवार जस्टिस सुदर्शन रेड्डी को 300 प्रथम वरियता वोट मिले हैं।’
यहां समझें नंबर गेम
देश के 17वें उप राष्ट्रपति के चुनाव के लिए, निर्वाचक मंडल में राज्यसभा के 233 निर्वाचित सदस्य (वर्तमान में पांच सीटें रिक्त हैं) एवं 12 मनोनीत सदस्य तथा लोकसभा के 543 निर्वाचित सदस्य (वर्तमान में एक सीट रिक्त है) शामिल थे। निर्वाचक मंडल में कुल 788 सदस्य (वर्तमान में 781) हैं। बीजू जनता दल (बीजद), भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने चुनाव से दूर रहने का फैसला किया था।
बीजेडी के राज्यसभा में 7 सांसद हैं। वहीं, बीआरएस के पास राज्यसभा में 4 सांसद हैं। दोनों ही दलों का लोकसभा में एक भी सदस्य नहीं है। वहीं, शिअद के पास सिर्फ एक लोकसभा सांसद हरसिमरत कौर है। तीनों दलों के मिलाकर कुल आंकड़ा 12 होता है। साथ ही अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के सांसद सरबजीत सिंह खालसा और अमृतपाल सिंह ने उपराष्ट्रपति चुनाव के बहिष्कार करने का एलान किया है। इस लिहाज से कुल कम हुए मतों की संख्या 14 हो जाती है और वोट देने वाले कुल सांसद 767 रह जाते हैं। वोटिंग में शामिल हुए दलों को मिलाया जाए, तो मंगलवार को 100 फीसदी मतदान हुआ है।
हुई क्रॉस वोटिंग?
खास बात है कि राधाकृष्णन को उम्मीद से 25 वोट ज्यादा मिले हैं। एनडीए दलों के अलावा राधाकृष्णन को जगन मोहन रेड्डी की अगुवाई वाली YSRCP ने समर्थन दिया था, जिनके पास कुल 11 सांसद हैं। ऐसे में सवाल है कि राधाकृष्णन के खाते में 14 और वोट कहां से आए?













