Shopping cart

Magazines cover a wide array subjects, including but not limited to fashion, lifestyle, health, politics, business, Entertainment, sports, science,

TnewsTnews
  • Home
  • छत्तीसगढ़
  • व्यापारिक समस्याओं को लेकर चैम्बर का कलेक्टर को ज्ञापन, होलसेल कॉरिडोर सहित कई मांगें
छत्तीसगढ़

व्यापारिक समस्याओं को लेकर चैम्बर का कलेक्टर को ज्ञापन, होलसेल कॉरिडोर सहित कई मांगें

रायगढ़ – छत्तीसगढ़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज ने शहर में यातायात अव्यवस्था, होलसेल कॉरिडोर की समस्या सहित व्यापारियों से जुड़ी अन्य गंभीर समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर जिला कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। चैम्बर के प्रदेश उपाध्यक्ष सुशील रामदास अग्रवाल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।

प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश मंत्री शक्ति अग्रवाल, पूर्व प्रदेश मंत्री राजेश अग्रवाल (चैम्बर), जिला उपाध्यक्ष मनोज बेरिवाल (टिम्बर), राहुल अग्रवाल, दिलीप अग्रवाल सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। ज्ञापन में प्रमुख रूप से चार बिंदुओं पर गंभीर चिंता जताई गई, जिसमें होलसेल कॉरिडोर से जुड़ी समस्या भी शामिल रही।

वहीं, होलसेल कॉरिडोर को लेकर हुई चर्चा में चैम्बर ने कहा कि थोक व्यापार के लिए निर्धारित कॉरिडोर की आवश्यकता है और कॉरिडोर न होने के कारण व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जहां सड़कों की स्थिति अच्छी हो, जल निकासी की सुविधा हो और सुरक्षा व्यवस्था भी उपलब्ध हो, ताकि थोक व्यापार सुगमता से संचालित हो सके और शहर के मुख्य मार्गों पर भीड़भाड़ कम हो सके।

औद्योगिक इकाइयों की इंटरेस्ट सब्सिडी विलंब प्रकरण बना प्रमुख मुद्दा

चैम्बर द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में जिले की औद्योगिक इकाइयों से जुड़ी एक गंभीर समस्या को विशेष रूप से उजागर किया गया। ज्ञापन में कहा गया है कि जिले की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों से लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति 2019-24 के अंतर्गत ब्याज अनुदान (इंटरेस्ट सब्सिडी) प्रकरणों के निराकरण में अनावश्यक विलंब किया जा रहा है।

चैम्बर ने बताया कि उद्योगों द्वारा सभी आवश्यक दस्तावेज समय-समय पर विभाग को प्रस्तुत कर दिए जाते हैं और विभागीय स्तर पर सत्यापन पूर्ण होने के बावजूद कई मामले लंबित हैं। सबसे बड़ी समस्या यह है कि पूर्व में निस्तारित बिंदुओं पर पुनः-पुनः आपत्तियाँ उठाई जा रही हैं, जिससे उद्योगों को अनावश्यक प्रशासनिक जटिलताओं और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

चैम्बर ने कहा कि उद्योगों की आर्थिक गतिविधियाँ राज्य की औद्योगिक प्रगति एवं रोजगार सृजन से जुड़ी हैं। योजनाओं के लाभों में विलंब से उद्योगों की कार्यप्रणाली और औद्योगिक विकास की गति दोनों प्रभावित हो रही है।

चैम्बर पदाधिकारियों ने कलेक्टर से सभी बिंदुओं पर गंभीरतापूर्वक विचार कर आवश्यक एवं त्वरित कार्यवाही करने का अनुरोध किया। विशेष रूप से रायगढ़ जिले में लंबित सभी इंटरेस्ट सब्सिडी प्रकरणों की समीक्षा, निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं एकरूपता लाने और स्वीकृत अनुदान की राशि का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की गई।

उन्होंने कहा कि इन समस्याओं के समाधान से शहर में व्यापारिक व्यवस्था सुदृढ़ होगी और व्यापारिक वातावरण सुरक्षित एवं व्यवस्थित बना रहेगा। कलेक्टर ने चैम्बर की मांगों को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान का भरोसा दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts