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चैतन्य बघेल को जेल, ED ने नहीं मांगी रिमांड, 14 दिनों के लिए भेजे गए न्यायिक रिमांड पर

रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले में गिरफ्तार चैतन्य बघेल को 14 दिनों की न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। आज से 4 अगस्त तक न्यायिक रिमांड पर रहेंगे।

दरअसल ईडी की टीम ने शराब घोटाले में चैतन्य बघेल को उनके निवास भिलाई से 18 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था। ईडी की टीम चैतन्य बघेल को गिरफ्तार कर रायपुर कोर्ट में पेश किया था। कोर्ट से पांच दिनों की रिमांड मिलने के बाद ईडी की टीम चैतन्य बघेल को लेकर ईडी के दफ्तर पहुंची थी। पांच दिनों तक हुई पूछताछ के बाद रिमांड खतम होने पर आज दोबारा से चैतन्य बघेल को रायपुर विशेष कोर्ट में पेश किया गया था। जज ने फैसला सुनाते हुये 14 दिनों की न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

मालूम हो कि शराब घोटाला मामले में ईडी की टीम ने 18 जुलाई शुक्रवार की सुबह 6.20 मिनट पर भूपेश बघेल के भिलाई स्थित घर में छापा मारा था। पूछताछ के बाद ईडी की टीम चैतन्य बघेल को गिरफ्तार कर अपने साथ रायपुर लेकर आई। भिलाई में चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के दौरान ईडी की गाड़ी के सामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया था। ईडी की टीम कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ के बीच चैतन्य बघेल को अपनी गाड़ी में बिठाये और अपने साथ रायपुर लेकर पहुंचे।

रायपुर कोर्ट से 5 दिनों की रिमांड मिलने के बाद ईडी की टीम पचपेड़ी नाका स्थित ईडी के दफ्तर पहुंची। ईडी कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में कांग्रेसी नेता और पुलिस की टीम मौजूद रही। कार्यालय के बाहर मौजूद कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी का जमकर विरोध किये थे। एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिसकर्मियों और कार्यकर्ताओं के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई थी।

वहीँ, आज ईडी और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने प्रदेशभर में आर्थिक नाकेबंदी कर चक्काजाम किया। इससे पहले कांग्रेस ने शंकर नगर राजीव भवन में बीते शनिवार को प्रेसवार्ता कर आर्थिक नाकेबंदी की जानकारी दी थी। मीडिया से चर्चा में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि तमनार के मामले में नेता प्रतिपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव लाया। ध्यान भटकाने के लिए मेरे घर में छापा मारवा दिया। पिछली बार भी विधानसभा के दौरान मेरे घर में छापा पड़ा था। इस दौरान भी मेरे बेटे चैतन्य बघेल से पूछताछ की गई थी।

भूपेश बघेल ने कहा कि बीते शुक्रवार 18 जुलाई को सीधे ईडी मेरे निवास में आई और चैतन्य बघेल को गिरफ्तार कर ले गई। पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि पहले देवेंद्र यादव, फिर कवासी अब चैतन्य को फंसाया गया है। जबकि चैतन्य राजनीति में भी नहीं है। यह लड़ाई भूपेश, देवेंद्र या कवासी की नहीं है पूरे प्रदेश की है।

डबल इंजन की सरकार बनने के बाद से ही कांग्रेस को बोलने नहीं दिया जा रहा और डरााया जा रहा है।

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