दिल्ली उच्च न्यायालय ने सरकारी नौकरी अथवा संस्थानों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक अथवा अन्य कदाचार से जुड़े आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए बृहस्पतिवार को विशेष अदालत अधिसूचित की। उच्च न्यायालय ने यह कदम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बृहस्पतिवार को की गई उस घोषणा के बाद उठाया गया है, जिसमें कहा गया था कि प्रश्नपत्र लीक से जुड़े मुकदमों का तेजी से निस्तारण करने के लिए त्वरित अदालतें गठित की जाएंगी।
उच्च न्यायालय प्रशासन ने एक अधिसचूना में कहा कि न्यायिक अधिकारी अनु ग्रोवर बालीगा की अदालत ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024’ और उससे जुड़े अपराधों की सुनवाई के लिए तुरंत प्रभाव से ‘विशेष रूप से नामित त्वरित अदालत’ के तौर पर काम करेगी। अधिसूचना के मुताबिक विशेष अदालत राउज एवेन्यू अदालत परिसर से काम करेगी।
इससे पहले दिन में, नीट प्रश्नपत्र लीक को लेकर छात्रों के लगातार विरोध-प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के युवाओं का कल्याण और हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और उनके भविष्य को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। मोदी ने कहा कि सरकार ने प्रश्नपत्र लीक में शामिल लोगों को जल्द और कड़ी सज़ा दिलाने के लिए त्वरित अदालत गठित करने का फैसला किया है।













