55 हजार से अधिक लोगों में एनीमिया के लक्षण। आंकड़े कम करने में स्वास्थ्य विभाग नाकाम।
न्यूज डेस्क। रायगढ़ जिले में महिला बाल विकास और स्वास्थ्य विभाग महिलाओं को सुपोषित करने के लिए लगातार पोषण आहार वितरण का कार्यक्रम चल रहा है, लेकिन इसके बावजूद जिले में एनीमिया के केस कम नहीं हो रहे हैं। जानकर हैरत होगी कि जिले में 55000 से अधिक मरीजों में एनीमिया के लक्षण पाए गए हैं। खास बात यह है कि ट्राइबल ब्लॉकों के साथ-साथ शहरी इलाकों में भी आंकड़े काफी अधिक हैं। ऐसे में सरकारी दावों की पोल खुल रही है।
दरअसल रायगढ़ जिले में स्वास्थ्य विभाग एनीमिया उन्मूलन के लिए लगातार अभियान चला रहा है। ग्रामीण इलाकों में वजन त्यौहार के साथ-साथ पोषण आहार वितरण के कैंप भी लगाया जा रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद एनीमिया के आंकड़ों में कमी नहीं आ रही है। जिले में साल 2022 में एनीमिया पीड़ितों की संख्या लगभग 42000 थी जो कि बढ़कर 55000 पार हो चुकी है। वजन त्यौहार के बाद जो आंकड़े सामने आए हैं उसके मुताबिक रायगढ़ ब्लॉक में सर्वाधिक 18000 महिलाओं में खून की कमी, सांस फूलने, कम वजन जैसे एनीमिया के लक्षण पाए गए हैं। पुसौर ब्लॉक में 9434 तो धर्मजयगढ़ में 7154 महिलाओं में एनीमिया के लक्षण पाए गए हैं।
सभी ब्लॉकों को मिलाकर संख्या 55000 से अधिक है। आंकड़े सामने आने के बाद विभागीय दावों की पोल खुल रही है। जानकारों का कहना है कि गांव में स्वास्थ्य जांच शिविर, पोषण आहार वितरण जैसे वृहद कार्यक्रम चलाने के बावजूद एनीमिया के आंकड़ों में कमी नहीं आना चिंताजनक है। आंकड़े सरकारी कार्यक्रमों की जमीनी हकीकत दिखाने के लिए काफी है।
इधर मामले में अधिकारी भी आंकड़ों को स्वीकार कर रहे हैं। सीएमएचओ अनिल जगत का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में लोगों को पोषण आहार के प्रति जागरूक करने के लिए लगातार अवेयरनेस अभियान चलाया जा रहा है। ट्राइबल जिला होने और आदिवासी परिवारों के अशिक्षित होने की वजह से लोगों में जागरूकता की कमी है। विभाग के द्वारा समय-समय पर मेडिकल कैंप लगाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है आने वाले समय में आंकड़ों में कमी आएगी।













