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छत्तीसगढ़

हर घर तक जल पहुँचाने के साथ ही जल बचाना भी हो प्राथमिकता में – अरुण साव

पीएचई अधिकारियों और मास्टर ट्रेनर्स के प्रशिक्षण के समापन सत्र में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री
ग्रामीण जलापूर्ति के संस्थागत एवं सामुदायिक पहलुओं तथा तकनीकी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन का दिया गया प्रशिक्षण

रायपुर, 26 जुलाई 2025. उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव आज विभागीय अधिकारियों तथा मास्टर ट्रेनर्स के प्रशिक्षण के समापन सत्र में शामिल हुए। जल जीवन मिशन के तहत निमोरा स्थित ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान में आयोजित छह दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को ग्रामीण जल आपूर्ति योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विभागीय सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुलहक और प्रमुख अभियंता श्री टी.डी. सांडिल्य भी समापन सत्र में शामिल हुए।

एसपीएम-निवास और यूनिसेफ द्वारा दो बैचों में आयोजित प्रशिक्षण में 21 जुलाई से 23 जुलाई तक पहले बैच के प्रशिक्षुओं को ग्रामीण जलापूर्ति के संस्थागत एवं सामुदायिक पहलुओं पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। वहीं 24 जुलाई से 26 जुलाई तक दूसरे बैच में ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के तकनीकी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन का प्रशिक्षण दिया गया। जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामीण जल योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव की रणनीतियों को सुदृढ़ बनाने तथा क्षेत्रीय अधिकारियों और मास्टर ट्रेनर्स को जल संरचना की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने में दक्ष बनाने के लिए इस सघन प्रशिक्षण का आयोजन किया गया था।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने प्रशिक्षण के समापन सत्र में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन पर जोर देते हुए अपने संबोधन में कहा कि हर घर तक जल पहुँचाने के लक्ष्य के साथ हमें जल बचाने की जिम्मेदारी को भी प्राथमिकता देना होगा। हमें आने वाली पीढ़ियों के लिए जल और जलस्रोतों को प्रभावी ढंग से संरक्षित करना होगा। उन्होंने प्रशिक्षण में मौजूद लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में जलस्रोतों के संरक्षण के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। श्री साव ने उम्मीद जताई कि इस प्रशिक्षण से गांवों में स्वच्छ जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा नल जल योजनाओं के सुचारू व निर्बाध संचालन में स्थानीय युवाओं और संस्थाओं की तकनीकी दक्षता बढ़ेगी।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता श्री टी.डी. सांडिल्य ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें तकनीकी दक्षता, समुदाय आधारित सहभागिता एवं स्थिर जल प्रबंधन प्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान मिली जानकारियों को ज़मीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रेरित किया। यूनिसेफ की बाल संरक्षण एवं लिंग विशेषज्ञ सुश्री चेतना देसाई ने जल संरक्षण और प्रबंधन में लिंग संवेदनशीलता और बाल संरक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रशिक्षुओं को इन पहलुओं पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रोत्साहित किया।

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