लेह। लेह हिंसा के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पर केंद्र सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उनकी संस्था ‘सेकमोल’ का विदेशी फंडिंग लाइसेंस (एफसीआरए) तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया। साथ ही, उनकी दूसरी संस्था ‘एचआईएएल’ में वित्तीय अनियमितताओं की सीबीआई जांच जारी है। सुरक्षा एजेंसियां अब उनकी पाकिस्तान यात्रा की भी जांच कर रही हैं।
इन कार्रवाइयों के जवाब में वांगचुक ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा, “अगर मुझे गिरफ्तार किया गया तो सरकार के लिए मुश्किलें बढ़ जाएंगी। जेल में सोनम वांगचुक, आजाद सोनम वांगचुक से ज्यादा परेशानी खड़ी कर सकते हैं।”
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने बुधवार को लेह में हुई हिंसा, जिसमें चार लोगों की मौत हुई थी, के लिए सोनम वांगचुक के भड़काऊ भाषणों को जिम्मेदार ठहराया था। इस हिंसा के बाद से ही उन पर सरकारी दबाव बढ़ गया है।















