लद्दाख के सियाचिन बेस कैंप में मंगलवार को हुए भीषण हिमस्खलन में तीन भारतीय सैनिक शहीद हो गए। सेना के सूत्रों के अनुसार, यह हादसा “दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र” के रूप में प्रसिद्ध सियाचिन ग्लेशियर पर हुआ, जहां फिलहाल बचाव और खोज अभियान जारी है।
जानकारी के अनुसार, शहीद हुए सभी सैनिक महार रेजिमेंट से थे और वे गुजरात, उत्तर प्रदेश और झारखंड के रहने वाले थे। हादसे के बाद वे लगभग पांच घंटे तक बर्फ में फंसे रहे, जिसके बाद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। हालांकि, एक सेना के कैप्टन को समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया।
20,000 फीट की ऊंचाई पर खतरा बना रहता है
सियाचिन ग्लेशियर नियंत्रण रेखा (LoC) के उत्तरी छोर पर लगभग 20,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यहां तापमान अक्सर -60 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है और हिमस्खलन जैसी घटनाएं आम मानी जाती हैं, जो इसे विश्व का सबसे कठिन और खतरनाक सैन्य क्षेत्र बनाती हैं।













