शरीर को स्वस्थ और फिट रखने के लिए लिवर का ठीक तरीके से काम करते रहना आवश्यक माना जाता है। लिवर शरीर में कई महत्वपूर्ण कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह हानिकारक पदार्थों को डिटॉक्सीफाई करने, भोजन से पोषक तत्वों को संसाधित करने, विटामिन और खनिजों का भंडारण करने, पाचन में सहायता के लिए पित्त का उत्पादन करने, रक्त शर्करा के स्तर को विनियमित करने में मदद करता है। हालांकि लाइफस्टाइल और आहार की कुछ गड़बड़ आदतों के कारण इस अंग पर काफी नकारात्मक असर देखा जा रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने पाया कि शराब पीने की आदत इस अंग को सबसे ज्यादा प्रभावित करते हुए देखी गई है। ये न सिर्फ फैटी लिवर की दिक्कतों को बढ़ा देती है साथ ही इसके कारण लिवर कैंसर का भी जोखिम रहता है। जब भी लिवर डैमेज की बात होती है, हम में से ज्यादातर लोगों का ध्यान सीधे शराब पर जाता है। और ये सच भी है कि अधिक शराब पीना लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ और आदतें भी हैं जो शराब जितनी ही हानिकारक साबित हो सकती हैं, बल्कि कुछ मामलों में उससे भी ज्यादा खतरनाक?
लिवर की बढ़ती समस्याएं
अमेरिकन लिवर फाउंडेशन और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट्स बताती हैं कि दुनियाभर में लिवर से जुड़ी बीमारियों के 25-30% मामले ऐसे लोगों में पाए जाते हैं जो शराब नहीं पीते। ऐसे लोगों में गड़बड़ खानपान, मोटापा, नींद की कमी और कुछ प्रकार दवाइयों का अत्यधिक सेवन जिम्मेदार हो सकता है। मौजूदा समय में नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज की समस्या भी तेजी से बढ़ रही है, और इसकी सबसे बड़ी वजह है हमारी गड़बड़ लाइफस्टाइल।
अल्कोहल से लिवर को नुकसान
हर बार जब आपका लिवर अल्कोहल को फिल्टर करता है, तो ये लिवर की कोशिकाओं को क्षति पहुंचाती है। लिवर लगातार नई कोशिकाओं का विकास करता रहता है, लेकिन अक्सर शराब पीने की स्थिति में कोशिकाओं का विकास प्रभावित होने लगता है। इसके परिणामस्वरूप आपके लीवर को गंभीर और स्थायी क्षति हो सकती है। शराब पीने से लिवर में वसा का निर्माण होने लगता जिसके कारण फैटी लिवर रोग हो सकता है।
मीठे पेय पदार्थ भी नुकसानदायक
कोल्ड ड्रिंक्स या फिर अधिक मात्रा में मीठे पेय में ऐडेड शुगर होती है, इससे भी लिवर की सेहत को क्षति होने का खतरा बढ़ जाता है। इऩ पेय के नियमित सेवन से वजन बढ़ने, मधुमेह और फैटी लीवर रोग का जोखिम हो सकता है। मीठे पेय, दीर्घकालिक तौर पर लिवर को नुकसान पहुंचाने वाले हो सकते हैं। सोडा और फलों के पैक्ड जूस में पाई जाने वाली ऐडेड शुगर की उच्च मात्रा से भी फैटी लिवर रोग हो सकता है।
तले हुए खाद्य पदार्थ
अस्वास्थ्यकर वसा वाले खाद्य पदार्थ, जैसे तली हुई चीजों का अधिक सेवन भी फैटी लीवर रोग का कारण बन सकता है। ये फैट लिवर में जमा होने लगती है जिसके कारण समय के साथ लिवर में सूजन और लिवर को क्षति होने का खतरा हो सकता है। तली हुई चीजें सिर्फ लिवर की दिक्कतें ही नहीं बढ़ाती हैं, इनसे ब्लड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का भी जोखिम रहता है।
हाई सोडियम वाले खाद्य पदार्थ
सोडियम की अधिकता वाले खाद्य पदार्थ जैसे डिब्बाबंद सूप, प्रोसेस्ड स्नैक्स और फास्ट फूड्स का अधिक सेवन भी लिवर की क्षति का कारण बन सकते हैं। अत्यधिक सोडियम के सेवन से द्रव असंतुलन भी हो सकता है। ये चीजें रक्तचाप बढ़ा देती हैं जिससे लिवर पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। लिवर को स्वस्थ रखने के लिए इन चीजों का सेवन कम करें।
फिर लिवर को स्वस्थ कैसे रखा जाए?
कुछ बातों का ध्यान रखकर आप लिवर को स्वस्थ रख सकते हैं। इसके लिए रोजाना 30 मिनट एक्सरसाइज करें।
शरीर को हाइड्रेट बनाए रखें (कम से कम 2.5-3 लीटर पानी)
हरी सब्जियां, फल और ओमेगा-3 रिच चीजें खाएं
शराब, प्रोसेस्ड फूड और मीठे ड्रिंक्स से दूरी बनाएं।
डॉक्टर की सलाह पर साल में 1 बार लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT) जरूर कराएं।
CG REPORTS लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।















