नदी के सौंदर्यीकरण पर 48 करोड रुपए होंगे खर्च। वित्त मंत्री ओपी चौधरी का है ड्रीम प्रोजेक्ट।
रायगढ़। शहर में केलो नदी के किनारे मरीन ड्राइव निर्माण के नाम पर व्यापक तोड़फोड़ के बाद मरीन ड्राइव निर्माण का रास्ता लगभग साफ हो गया है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी की परिकल्पना अनुरूप जिला प्रशासन ने नदी के सौंदर्यीकरण और संरक्षण की योजना बनाई है। जिला प्रशासन केलो रिवर फ्रंट डेवलपमेंट के तहत लगभग 42 करोड रुपए खर्च करने जा रहा है। इस राशि से न सिर्फ केलो नदी के किनारे मरीन ड्राइव और घाटों का निर्माण किया जाएगा बल्कि नए मरीन ड्राइव को सीधे नेशनल हाईवे से भी जोड़ा जाएगा। प्रशासन का दावा है कि इससे शहर की यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने में काफी मदद मिलेगी। इतना ही नहीं केला नदी को संरक्षित भी किया जा सकेगा।

दरअसल रायगढ़ शहर में केलो नदी के किनारे जिला प्रशासन ने व्यापक तोड़फोड़ की है। मरीन ड्राइव निर्माण के नाम पर लगभग 175 घरों पर बुलडोजर चलाया गया है। तोड़फोड़ कार्रवाई के बाद अब मरीन ड्राइव निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। नगर निगम ने अब केलो नदी के संरक्षण के लिए 42 करोड़ की याेजना बनाई है। योजना के तहत केलो नदी की दूसरी ओर शनि मंदिर से नेशनल हाईवे तक मरीन ड्राइव का निर्माण किया जाएगा। इतना ही नहीं केलो रिवर फ्रंट डेवलपमेंट योजना के तहत नदी के दोनों और घाटों का निर्माण करने के साथ-साथ पाथ वे और बड़े पैमाने पर प्लांटेशन की भी योजना है। नगर निगम नदी में पूरे साल जल स्तर बनाए रखने के लिए तीन स्टाप डैम का निर्माण भी करने जा रहा है। योजना के तहत नदी किनारे कैफेटेरिया पैगोडा, लक्ष्मण झूला और कैफेटेरिया बनाने की भी योजना है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले 2 सालों के भीतर इस प्रोजेक्ट को पूरा किया जाएगा। निर्माण के लिए एसईसीएल से भी सीएसआर के तहत राशि ली जाएगी।
वहीं केलो नदी के संरक्षण के लिए लड़ाई लड़ रही संस्थाएं भी जिला प्रशासन की इस पहल से खुश हैं। हालांकि उनका कहना है की नदी के सौंदर्यीकरण के साथ साथ नदी के जल को प्रदूषण से बचाने के लिए भी कार्य योजना बनाने की जरूरत है। जिला प्रशासन को सौंदर्यीकरण के साथ ही साथ इस दिशा में भी प्रयास करने की जरूरत है।














