कांग्रेस ने गठित की डैमेज कंट्रोल कमेटी।
भाजपा भी मान मनौव्वल में जुटी।
नाम वापसी का अंतिम दिन 31 जनवरी को।
न्यूज डेस्क रायगढ़। निकाय चुनाव में टिकट वितरण से नाराज असंतुष्टों को मनाना भाजपा और कांग्रेस के लिए टेढ़ी खीर साबित हो सकता है। टिकट वितरण में देरी होने की वजहवसे दोनों ही पार्टियों से बड़ी संख्या में निर्दलीय प्रत्याशियों के नामांकन दाखिल हुए हैं। नाम वापसी की अंतिम तारीख तक ऐसे प्रत्याशियों का नाम वापस करना भाजपा कांग्रेस के सामने बड़ी चुनौती है।
आलम यह है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों में मान मनौव्वल का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस डैमेज कंट्रोल समिति बना रही है जिसमें पार्टी के वरिष्टों को शामिल किया जाएगा। भाजपा भी नाराज कार्यकर्ताओं को मना लेने की बात कह रही है।
दरअसल रायगढ़ नगर निगम के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों में टिकट वितरण में काफी देरी हुई है। कांग्रेस ने तो अंतिम दिन 48 वार्डों के पार्षदों की सूची जारी की है। दो सीटों पर अभी भी सस्पेंस बरकरार है और उनके नाम के बी फार्म जमा नहीं हुए हैं। भाजपा में भी टिकट वितरण में कमोबेश देरी हुई है। ऐसे में बड़ी संख्या में टिकट के दावेदारों ने आवेदन जमा किया है। इनमें से कुछ ऐसे लोग भी हैं जो पार्टी में टिकट वितरण से नाराज हैं और टिकट वितरण के बाद बगावत कर निर्दलिय प्रत्याशी के रूप में आवेदन जमा किया है। ऐसे लोगों ने पार्टी की परेशानी बढ़ा दी है। नाराज प्रत्याशी हर हाल में चुनाव लड़ने की बात कह रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनका गुस्सा भी फूट रहा है।
इधर भाजपा और कांग्रेस बगावत की बात को खारिज कर रही हैं। भाजपा का कहना है कि पार्टी में बगावत करने वालों की संख्या नहीं के बराबर है। टिकट वितरण को लेकर थोड़ी बहुत नाराजगी है ऐसे कार्यकर्ताओं को मना लिया जाएगा। पार्टी पूरी एक जुटता के साथ चुनाव लड़ेगी। इधर कांग्रेस डैमेज कंट्रोल समिति का गठन करने जा रही है। कांग्रेस का कहना है की टिकट वितरण से जो कार्यकर्ता नाराज है उनका मान मनौव्वल किया जा रहा है। पार्टी के वरिष्ठों की कमेटी भी गठित की गई है जो कार्यकर्ताओं और बागी प्रत्याशियों से बात करेगी।













