धमतरी। शेयर मार्केट ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर प्रतिमाह 4 प्रतिशत मुनाफे का लालच देकर 3 करोड़ 12 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने वाले फरार मुख्य आरोपी को धमतरी पुलिस ने मध्यप्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार किया है। आरोपी ‘वेल्थ ट्रैकर’ कार्यालय की आड़ में निवेशकों को अपने जाल में फंसाता था। उनका भरोसा जीतने के लिए स्टाम्प पेपर पर नोटरीकृत इकरारनामा तैयार करवाता और सुरक्षा के तौर पर बैंक चेक भी देता था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन, एक टैबलेट और निवेश से संबंधित दस्तावेज जब्त किए हैं। पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक व नगर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में जिले में वित्तीय धोखाधड़ी और आर्थिक अपराधों में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में सिटी कोतवाली धमतरी पुलिस ने इस मामले में फरार मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
ऐसे दिया ठगी की वारदात को अंजाम
प्रार्थी शिवकुमार साहू (62 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक 13, गुरूर, जिला बालोद ने गुरूर थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटनास्थल सिटी कोतवाली धमतरी क्षेत्र के अंतर्गत होने के कारण मामले की अग्रिम विवेचना के लिए केस डायरी सिटी कोतवाली धमतरी को सौंपी गई। प्रार्थी की रिपोर्ट पर आरोपी विक्रम सिंह शाह के खिलाफ अपराध क्रमांक 214/2026, धारा 420 भादंवि के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
जांच में सामने आया कि आरोपी विक्रम सिंह शाह कलेक्ट्रेट रोड धमतरी स्थित अपने ‘वेल्थ ट्रैकर’ कार्यालय के माध्यम से लोगों को शेयर मार्केट और ट्रेडिंग ऐप में रकम निवेश करने पर हर महीने 4 प्रतिशत ब्याज या मुनाफा देने का लालच देता था। निवेशकों का विश्वास जीतने के लिए वह स्टाम्प पेपर पर नोटरीकृत इकरारनामा तैयार करवाता था और सुरक्षा के तौर पर बैंक चेक भी देता था। इसी झांसे में आकर प्रार्थी शिवकुमार साहू और उनके परिजनों ने आरोपी के पास 25 लाख रुपये निवेश किए। आरोपी ने शुरुआती कुछ महीनों तक मुनाफा देकर निवेशकों का भरोसा बनाए रखा, लेकिन बाद में मूलधन और लाभ की राशि लौटाए बिना फरार हो गया।
3 करोड़ 12 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी
पुलिस की विवेचना में सामने आया कि आरोपी ने योजनाबद्ध तरीके से कई निवेशकों को अपने झांसे में लेकर उनसे बड़ी रकम एकत्र की थी। अब तक की जांच में आरोपी द्वारा कुल 3 करोड़ 12 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
इसमें प्रमुख पीड़ितों में संगीता सिन्हा से 81 लाख रुपये, अंबिका प्रसाद सोनवानी से 60 लाख रुपये, भूषण सिन्हा से 28 लाख रुपये, चेतन सिन्हा से 16 लाख रुपये और प्रभुलाल सिन्हा से 12 लाख रुपये की ठगी शामिल है। इसके अलावा अन्य निवेशकों की रकम भी आरोपी ने हड़पी है। आरोपी ने शुरुआती दौर में कुछ निवेशकों को मामूली मुनाफा देकर उनका विश्वास जीता और बाद में उनसे बड़ी रकम लेकर फरार हो गया।
इंदौर में घेराबंदी कर आरोपी गिरफ्तार
मामले की गंभीरता और ठगी की बड़ी रकम को देखते हुए पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय ने फरार मुख्य आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीम गठित कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया और मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर आरोपी की पतासाजी शुरू की।
इसी दौरान आरोपी की लोकेशन मध्यप्रदेश के इंदौर में मिलने पर पुलिस टीम तत्काल रवाना हुई। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर आरोपी विक्रम सिंह शाह को हिरासत में लिया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी को 29 अक्टूबर 2026 को विधिवत गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपी की जानकारी
गिरफ्तार आरोपी की पहचान विक्रम सिंह शाह (37 वर्ष), पिता हरभजन सिंह के रूप में हुई है। वह मूल रूप से हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, हटकेशर, धमतरी, जिला धमतरी (छत्तीसगढ़) का निवासी है। वर्तमान में वह फ्लैट नंबर 708, क्लासिक टॉवर, अमलीडीह, न्यू राजेंद्र नगर, रायपुर में रह रहा था।
ये सामग्री की गई जब्त
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से शेयर ट्रेडिंग के काम में इस्तेमाल किए जाने वाले दो मोबाइल फोन, एक टैबलेट और निवेशकों से संबंधित नोटरीकृत इकरारनामा व बैंक चेक जब्त किए हैं।
आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश कर पुलिस रिमांड प्राप्त करने की कार्रवाई की जा रही है। आरोपी ने निवेशकों से ठगी गई करोड़ों रुपये की रकम कहां और किन माध्यमों से निवेश या हस्तांतरित की, इसकी विस्तृत वित्तीय जांच की जा रही है। साथ ही, पूछताछ के जरिए इस धोखाधड़ी में अन्य लोगों की संलिप्तता, संपत्तियों और लेन-देन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई जा रही हैं।
पुलिस की लोगों से अपील
धमतरी पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि शेयर मार्केट, ट्रेडिंग और अन्य निवेश योजनाओं में असामान्य रूप से अधिक और निश्चित मासिक मुनाफे का लालच देने वाले व्यक्तियों या संस्थाओं के झांसे में न आएं। किसी भी योजना में निवेश करने से पहले उसकी वैधानिकता और विश्वसनीयता की पूरी जांच जरूर करें। किसी भी प्रकार की वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें।















