छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ दिनों से बारिश की गतिविधियों में आई कमी के बाद अब मौसम एक बार फिर करवट लेने की तैयारी में है। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल भले ही हल्की बौछारें पड़ रही हों, लेकिन 10 सितंबर से बारिश की एक्टिविटी में तेजी से बढ़ोतरी होने की संभावना है। अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है, जिसके बाद मानसूनी हवाएं फिर से जोर पकड़ेंगी।
बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया सिस्टम
मौसम में आने वाले इस बड़े बदलाव की मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी में बनने वाला नया मौसमी सिस्टम (Weather System) है। 11 सितंबर के आसपास पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के साथ-साथ उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा तट पर एक निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बनने की प्रबल संभावना है। इस सिस्टम के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के ज्यादातर हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
इन जिलों में आंधी-तूफान और बिजली का अलर्ट
बदलते मौसम को देखते हुए विभाग ने कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। जशपुर, सूरजपुर और बलरामपुर में गरज-चमक और आकाशीय बिजली के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा रायपुर, दुर्ग, बस्तर, सुकमा, बीजापुर, कांकेर, बिलासपुर और रायगढ़ सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की हवाओं के साथ बारिश और बिजली चमकने का अलर्ट भी जारी किया गया है।
तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं
आने वाले दिनों में प्रदेश के तापमान में कोई बड़ा उलटफेर देखने को नहीं मिलेगा। दिन का अधिकतम तापमान लगभग 33 डिग्री सेल्सियस और रात का न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने का अनुमान है।
बीते 24 घंटों के दौरान ऐसा रहा मौसम
बीते 24 घंटों की बात करें तो राज्य में कुछ जगहों पर हल्की बारिश दर्ज की गई। वहीं, तापमान की बात करें तो बीते दिन राजनांदगांव 34.5 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म स्थान रहा, जबकि पेंड्रा रोड और दुर्ग में सबसे कम 21.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।














