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रायगढ़ आसपास

कानून व्यवस्था को लेकर प्रशासन सख्त, अवैध अप्रवासियों की पहचान एवं मॉनिटरिंग के निर्देश

यातायात व्यवस्था सुधार, सड़क दुर्घटनाओं में कमी, पीएम-राहत योजना के प्रचार-प्रसार और भारी वाहनों की पार्किंग पर लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

रायगढ़ शहर में यातायात सुधार के लिए बनेंगे बाहरी बस स्टॉप, भारी वाहनों के पार्किंग स्थल 30 सितंबर तक होंगे चिन्हांकित

कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक में कलेक्टर एवं एसएसपी ने सड़क सुरक्षा, पीएम-राहत योजना, अवैध उत्खनन सहित 16 एजेंडों पर की समीक्षा

रायगढ़, 28 जुलाई 2026/ जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने, सड़क सुरक्षा को बेहतर करने तथा नागरिक सुविधाओं में सुधार के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री मयंक चतुर्वेदी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में जिला स्तरीय कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में कानून व्यवस्था से जुड़े 16 महत्वपूर्ण एजेंडों पर बिंदुवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिले के भीतर अवैध रूप से निवास कर रहे अथवा निवास की योजना बना रहे अवैध अप्रवासियों की पहचान एवं उनकी सतत मॉनिटरिंग को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जिले में कानून व्यवस्था एवं आंतरिक सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), पुलिस अधिकारी तथा संबंधित विभाग संयुक्त रूप से सत्यापन अभियान चलाकर संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करें तथा प्रत्येक सूचना पर गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करें। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री सिंह ने बताया कि राज्य शासन द्वारा अवैध रूप से रह रहे लोगों एवं परिवार की पहचान एवं राज्य की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए पुलिस विभाग ने टोल फ्री हेल्पलाइन 1800-233-1905 जारी की है, जो सप्ताह के सातों दिन चौबीसों घंटे संचालित रहेगी। नागरिक अपने आसपास रहने वाले संदिग्ध व्यक्तियों अथवा उनकी गतिविधियों की सूचना इस हेल्पलाइन पर दे सकते हैं। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
बैठक में रायगढ़ शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम एवं व्यवस्थित बनाने पर विशेष चर्चा हुई। नगर निगम आयुक्त ने उद्योगों द्वारा कर्मचारियों के आवागमन के लिए संचालित बसों के शहर के भीतर प्रवेश से बढ़ रहे यातायात दबाव का विषय रखा। इस पर कलेक्टर ने सहमति देते हुए नगर निगम, राजस्व विभाग, यातायात पुलिस एवं परिवहन विभाग को शहर के बाहरी हिस्सों में उपयुक्त बस स्टॉप विकसित करने के लिए स्थल चयन के निर्देश दिए। कुछ दिन पूर्व जिला प्रशासन, ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन, उद्योग एवं खनन कंपनियों के साथ हुई बैठक में उठाई गई मांगों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि घरघोड़ा बाईपास मार्ग, बंजारी मंदिर क्षेत्र, पूंजीपथरा मार्ग, तमनार, खरसिया के रानीसागर चौक तथा गिरवानी मार्ग सहित चिन्हित स्थलों पर भारी वाहनों के लिए सुव्यवस्थित पार्किंग स्थल का चयन 30 सितंबर तक पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे शहर के भीतर यातायात का दबाव कम होगा तथा राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटनाओं में कमी आएगी।

बैठक में सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए संचालित पीएम-राहत (प्रधानमंत्री राहत) नकदरहित (कैशलेस) उपचार योजना की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद समय पर उपचार मिलने से अनेक लोगों का जीवन बचाया जा सकता है। परिवहन, स्वास्थ्य एवं पुलिस विभाग संयुक्त रूप से जनजागरूकता अभियान चलाकर प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजना की जानकारी पहुंचाएं।
कलेक्टर ने राष्ट्रीय राजमार्गों एवं प्रमुख सड़कों पर अवैध रूप से खड़े भारी वाहनों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। उन्होंने दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) पर आवश्यक सुधार कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। बैठक में सड़क सुरक्षा, जिला सड़क सुरक्षा कार्यबल, नशा नियंत्रण अभियान, औद्योगिक सुरक्षा, अवैध उत्खनन, खाद्य एवं औषधि सुरक्षा, मोटरयान अधिनियम, कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, जिला जेल, पैरोल, हिट एंड रन, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, चिटफंड प्रकरण, पीएम रिपोर्ट, हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट तथा अभियोजन स्वीकृति के लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की जानकारी भी प्रस्तुत की।
जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में 23 जुलाई तक अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण से संबंधित 120 प्रकरण दर्ज कर 64.37 लाख रुपए से अधिक की अर्थदंड राशि वसूल की गई है। कलेक्टर ने खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध निरंतर अभियान चलाने और दोषियों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।

इस अवसर पर सहायक कलेक्टर श्री गोकुल आर.के., आयुक्त नगर निगम श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय, एडीएम श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, अपर कलेक्टर श्री रवि राही, डॉ.प्रियंका वर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती पूजा बंसल, डिप्टी कलेक्टर श्री धनराज मरकाम, सुश्री शिल्पा भगत, समस्त अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व पुलिस, तहसीलदार एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने लगातार चल रहा विशेष अभियान

बैठक में बताया गया कि ओवर स्पीड वाहनों एवं मुख्य मार्गों पर अवैध पार्किंग के विरुद्ध इंटरसेप्टर वाहन एवं स्पीड रडार गन के माध्यम से लगातार कार्रवाई की जा रही है। गत वर्ष 3,762 वाहन चालकों पर कार्रवाई की गई। दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट का संयुक्त निरीक्षण कर सुधार कार्य कराए जा रहे हैं। संवेदनशील मार्गों पर लगातार पेट्रोलिंग, ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान, नुक्कड़ नाटक तथा विद्यालयों में यातायात शिक्षा कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। सोशल मीडिया, स्थानीय चौनलों, एलईडी बोर्ड एवं आकाशवाणी के माध्यम से भी सड़क सुरक्षा का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।

शराब पीकर वाहन चलाने वाले पर होगी कार्यवाही

शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध लगातार विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। वर्तमान वर्ष में अब तक 226 चालकों के विरुद्ध न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किए जा चुके हैं। मॉडिफाइड साइलेंसर, तेज रफ्तार एवं अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी लगातार कार्रवाई जारी है। दुर्घटना संभावित मोड़ों पर झाड़ियों की कटाई, ट्री मार्कर, कैट-आई तथा आवारा मवेशियों को रेडियम बेल्ट लगाने जैसे सुरक्षा उपाय भी किए जा रहे हैं।

अत्याचार निवारण अधिनियम के 53 प्रकरण स्वीकृत, 88.81 लाख रुपये की सहायता वितरित

बैठक में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के अंतर्गत प्रकरणों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि राहत सहायता से संबंधित कुल 67 प्रकरणों में से 53 प्रकरण स्वीकृत किए जा चुके हैं। अब तक 49 हितग्राहियों को ₹88.81 लाख की सहायता राशि वितरित की गई है। कलेक्टर ने शेष लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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