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आईआईटीएम बेंगलुरु में छत्तीसगढ़ पर्यटन का दमदार प्रदर्शन, राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर सशक्त हुई प्रदेश की पहचान

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने निवेश, जनजातीय विरासत और प्राकृतिक पर्यटन का किया प्रभावी प्रदर्शन

रायपुर, 27 जुलाई 2026

रायपुर : आईआईटीएम बेंगलुरु में छत्तीसगढ़ पर्यटन का दमदार प्रदर्शन, राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर सशक्त हुई प्रदेश की पहचान

रायपुर : आईआईटीएम बेंगलुरु में छत्तीसगढ़ पर्यटन का दमदार प्रदर्शन, राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर सशक्त हुई प्रदेश की पहचान

रायपुर : आईआईटीएम बेंगलुरु में छत्तीसगढ़ पर्यटन का दमदार प्रदर्शन, राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर सशक्त हुई प्रदेश की पहचान

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल प्रदेश की प्राकृतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक एवं जनजातीय पर्यटन विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। इसी क्रम में भारत के प्रतिष्ठित पर्यटन व्यापार मेले इंडिया इंटरनेशनल ट्रैवल मार्ट (आईआईटीएम) बेंगलुरु में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराते हुए प्रदेश की समृद्ध पर्यटन संभावनाओं, निवेश के अवसरों और विशिष्ट पर्यटन उत्पादों का आकर्षक प्रदर्शन किया। इस सहभागिता ने छत्तीसगढ़ को देश के उभरते हुए पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि प्रदान की।

आईआईटीएम बेंगलुरु में आयोजित इस प्रतिष्ठित आयोजन में कर्नाटक के ऊर्जा एवं पर्यटन मंत्री श्री के. जे. जॉर्ज की गरिमामयी उपस्थिति रही। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की उप महाप्रबंधक श्रीमती पूनम शर्मा ने राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रदेश की पर्यटन नीति, पर्यटन अधोसंरचना, निवेश की संभावनाओं तथा विभिन्न पर्यटन परियोजनाओं का प्रभावी प्रस्तुतीकरण किया। इस अवसर पर कर्नाटक पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक ने छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के स्टॉल का अवलोकन किया तथा पर्यटन निवेश, सांस्कृतिक पर्यटन, जनजातीय पर्यटन, इको-टूरिज्म, धार्मिक पर्यटन और विरासत पर्यटन को बढ़ावा देने के संबंध में विस्तृत एवं सार्थक चर्चा की।

श्रीमती पूनम शर्मा ने बस्तर के एथनिक ट्राइबल टूरिज्म, विश्वप्रसिद्ध घड़वा शिल्पकला, रामनामी समुदाय की विशिष्ट सांस्कृतिक परंपरा, इको-टूरिज्म, धार्मिक पर्यटन तथा छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों की विशेषताओं से उपस्थित प्रतिनिधियों और पर्यटन व्यवसायियों को अवगत कराया। उन्होंने देशभर से आए टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंसियों एवं पर्यटन विशेषज्ञों को छत्तीसगढ़ भ्रमण के लिए आमंत्रित करते हुए प्रदेश की अद्वितीय प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता और पर्यटन सुविधाओं की जानकारी भी साझा की।

छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के आकर्षक स्टॉल में चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, बस्तर की जनजातीय संस्कृति, सिरपुर, भोरमदेव, राम वन गमन पर्यटन परिपथ, वन्यजीव पर्यटन, इको-टूरिज्म, होम-स्टे नीति तथा राज्य के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों और योजनाओं को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया। प्रदेश की प्राकृतिक छटा, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और जनजातीय जीवनशैली ने देशभर से आए पर्यटन विशेषज्ञों, ट्रैवल एजेंसियों, निवेशकों तथा आगंतुकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।

इस आयोजन में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल से पंजीकृत 15 टूर ऑपरेटर्स एवं होटलियर्स ने भी सक्रिय सहभागिता की। इन संस्थाओं ने देशभर के विभिन्न टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंसियों तथा पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ बिजनेस-टू-बिजनेस बैठकों में भाग लेकर नए व्यावसायिक संपर्क स्थापित किए। इन बैठकों के माध्यम से पर्यटन पैकेज, होटल सेवाओं, यात्रा संचालन तथा भविष्य के व्यावसायिक सहयोग की व्यापक संभावनाओं पर सकारात्मक चर्चा हुई, जिससे प्रदेश के पर्यटन उद्योग को नई गति मिलने की उम्मीद है।

पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी पर्यटन राज्यों में स्थापित करना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश की प्राकृतिक धरोहर, जनजातीय संस्कृति, धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक विरासत और साहसिक पर्यटन की अपार संभावनाओं को राष्ट्रीय एवं वैश्विक मंचों पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि ऐसे राष्ट्रीय पर्यटन आयोजनों में सहभागिता से प्रदेश में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि आईआईटीएम बेंगलुरु जैसे प्रतिष्ठित मंच पर छत्तीसगढ़ की प्रभावी भागीदारी प्रदेश की पर्यटन क्षमता, निवेश-अनुकूल वातावरण और सांस्कृतिक समृद्धि का परिचायक है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल राज्य के पर्यटन स्थलों का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए देश और विदेश के टूर ऑपरेटर्स, निवेशकों तथा पर्यटन उद्योग से जुड़े संस्थानों के साथ मजबूत साझेदारी स्थापित कर रहा है। इससे छत्तीसगढ़ को एक आकर्षक, सुरक्षित, समृद्ध और विविधतापूर्ण पर्यटन गंतव्य के रूप में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर की जा रही ऐसी सहभागिताएं राज्यों के बीच पर्यटन सहयोग को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ प्रदेश के पर्यटन उद्योग, होटल व्यवसाय, हस्तशिल्प, लोककला, जनजातीय संस्कृति और स्थानीय उद्यमिता को भी नई ऊर्जा प्रदान कर रही हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से किए जा रहे ये प्रयास राज्य को देश के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों में स्थापित करने की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण उपलब्धियां अर्जित कर रहे हैं।

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