इजराइल और ईरान के बीच हालिया सैन्य टकराव के बीच ईरान ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को तेहरान में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि पश्चिम एशिया में किसी भी नए तनाव या युद्ध विस्तार के लिए अमेरिका जिम्मेदार होगा। बघाई ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “कोई भी यह नहीं मानता कि इजराइली शासन अमेरिका के साथ समन्वय के बिना कोई कार्रवाई करेगा।” उन्होंने आगे कहा कि इजराइल की “आक्रामक कार्रवाइयों” की जिम्मेदारी अमेरिका पर है और यदि क्षेत्र में तनाव और बढ़ता है तो उसके परिणामों की जिम्मेदारी भी वॉशिंगटन को उठानी होगी।
यह बयान ऐसे समय आया है जब सोमवार को इजराइल और ईरान ने अप्रैल में हुए युद्धविराम के बाद पहली बार एक-दूसरे पर बड़े पैमाने पर हमले किए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने इजराइल पर कई चरणों में मिसाइल हमले किए, जिसके जवाब में इजराइल ने ईरान के मध्य और पश्चिमी हिस्सों में सैन्य तथा ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। इजराइल का कहना है कि उसने मिसाइल लॉन्चर और एक पेट्रोकेमिकल परिसर को निशाना बनाया, जबकि ईरान का दावा है कि उसने इजराइली सैन्य ठिकानों पर हमला किया। ईरानी नेतृत्व लंबे समय से यह आरोप लगाता रहा है कि इजराइल की क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाइयों को अमेरिका का राजनीतिक, कूटनीतिक और सैन्य समर्थन प्राप्त है।
हालिया संकट के दौरान भी तेहरान ने कहा कि इजराइल की कार्रवाई अमेरिकी हितों और नीतियों के अनुरूप है। इसी कारण ईरान सीधे तौर पर अमेरिका को भी संघर्ष का पक्ष मान रहा है। दिलचस्प बात यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) सार्वजनिक रूप से इजराइल से संयम बरतने की अपील कर चुके हैं। ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि अमेरिका और ईरान शांति समझौते के बेहद करीब हैं और उन्होंने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) से जवाबी कार्रवाई न करने का आग्रह किया था। हालांकि ईरान का मानना है कि क्षेत्र में जो कुछ भी हो रहा है, उसमें अमेरिका की भूमिका को अलग नहीं किया जा सकता।















