कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के निर्देशन में कृषि विभाग की जांच में दोनों प्रतिष्ठानों द्वारा बिना वैध फार्म-ओ के उर्वरक व्यवसाय, किसानों को प्रपत्र-एम में कैश क्रेडिट जारी नहीं करने, स्टॉक पंजी का संधारण नहीं करने तथा मासिक प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं करने जैसी अनियमितताएं सामने आईं। एक मामले में बिना पीओएस मशीन के उर्वरक वितरण भी पाया गया।
कृषि विभाग के अनुसार जिले में अब तक 132 उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया जा चुका है। सात केंद्रों पर विक्रय प्रतिबंध एवं लाईसेंस पत्र निलंबन की कार्रवाई की गई है, जबकि पांच अवैध भंडारण प्रकरण जब्त कर कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किए गए हैं। वहीं 61 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि कालाबाजारी, जमाखोरी और अधिक कीमत पर बिक्री करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।















