पुरुषों की सेहत में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है. यह न केवल मसल्स की ताकत और एनर्जी को प्रभावित करता है, बल्कि फिजिकल रिलेशन में बहुत अहम रोल प्ले करता है. एक्सपर्ट के अनुसार, शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम होने पर मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज, मेटाबॉलिक सिंड्रोम, हार्ट रोग और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है. हालांकि उम्र, लाइफस्टाइल और हेल्थ रिलेटेड कई चीजें टेस्टोस्टेरोन को प्रभावित करते हैं, लेकिन कुछ ऐसी खाने-पीने की चीजें भी हैं जिनका अधिक सेवन इस हार्मोन के स्तर को प्रभावित कर सकता है. चलिए उनके बारे में आपको बताते हैं.
पुदीना
हेल्थ के बारे में जानकारी देने वाली बेवसाइट healthline के एक्सपर्ट के अनुसार, पुदीना यानी मिंट से बनी कुछ चीजें टेस्टोस्टेरोन पर असर डाल सकती हैं. एक 12 सप्ताह के अध्ययन में पाया गया कि नियमित रूप से स्पीयरमिंट हर्बल टी पीने वाले लोगों में टेस्टोस्टेरोन के स्तर में गिरावट देखी गई. हालांकि एक्सपर्ट का कहना है कि इस विषय पर और अधिक रिसर्च की आवश्यकता है.
मुलेठी की जड़
इसी तरह मुलेठी की जड़ को लेकर भी कई स्टडी सामने आए हैं. वर्ष 2003 के एक अध्ययन में 25 पुरुषों को प्रतिदिन 7 ग्राम मुलेठी की जड़ दी गई, जिसके बाद केवल एक सप्ताह में टेस्टोस्टेरोन स्तर में लगभग 26 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई.
अलसी के बीज
अलसी के बीज को आमतौर पर सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन कुछ रिसर्च में यह भी संकेत मिला है कि इनमें मौजूद लिग्नान नामक तत्व टेस्टोस्टेरोन को शरीर से बाहर निकालने की प्रक्रिया को बढ़ा सकते हैं. प्रोस्टेट कैंसर से जुड़े एक स्टडी में भी इसके प्रभाव देखे गए थे.
प्रोसेस्ड फूड्स
प्रोसेस्ड फूड्स में पाए जाने वाले ट्रांस फैट्स भी चिंता का विषय हैं. 209 पुरुषों पर किए गए एक स्टडी में पाया गया कि जिन लोगों ने सबसे ज्यादा ट्रांस फैट का सेवन किया, उनके टेस्टोस्टेरोन का स्तर अन्य लोगों की तुलना में करीब 15 प्रतिशत कम था.
शराब का भी अहम रोल
शराब का अधिक सेवन भी हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ सकता है. 2004 के एक अध्ययन में पाया गया कि लगातार तीन सप्ताह तक रोजाना 30 से 40 ग्राम अल्कोहल लेने वाले पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर 6.8 प्रतिशत तक घट गया.
इनसे भी हो सकती है दिक्कत
इसके अलावा कुछ अध्ययनों में अखरोट और बादाम जैसे कुछ नट्स के टेस्टोस्टेरोन पर प्रभाव की भी चर्चा की गई है. हालांकि एक्सपर्ट का कहना है कि इन निष्कर्षों को अंतिम नहीं माना जा सकता. इसलिए किसी भी खाद्य पदार्थ को पूरी तरह छोड़ने से पहले डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें.













