हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र से राहत देने वाली और ऐतिहासिक खबर सामने आई है. प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (IGMC) शिमला ने आधुनिक चिकित्सा के क्षेत्र में कीर्तिमान बनाया है. आईजीएमसी में पहली बार बड़ी आंत (Colon Cancer) के कैंसर की बेहद जटिल, लेकिन पूरी तरह से सफल ‘रोबोटिक सर्जरी’ (Robotic Surgery) की गई है.
सिर्फ 30 हजार में किया 5 लाख वाला इलाज
कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का नाम सुनते ही मरीज और उसके परिवार वाले शारीरिक और मानसिक रूप से तो टूट ही जाते हैं, लेकिन सबसे बड़ा डर आर्थिक बोझ का होता है. बड़ी आंत के कैंसर की जिस रोबोटिक सर्जरी के लिए बड़े शहरों के नामी प्राइवेट अस्पतालों में कम से कम 5 लाख रुपये तक का भारी-भरकम बिल बन जाता है, वही सर्जरी आईजीएमसी शिमला में नाममात्र के खर्च पर की गई. सरकारी अस्पताल की सुविधाओं और आयुष्मान/हिमकेयर जैसी योजनाओं की मदद से यह जटिल ऑपरेशन आईजीएमसी में करीब 30 हजार रुपये में की गई.
चौथे दिन ही मरीज ने शुरू किया खाना-पीना
आईजीएमसी के सर्जरी विभाग के एचओडी (HOD) डॉ. पुनीत महाजन और कैंसर सर्जन डॉ. यशपाल ने बताया कि एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम ने जब मरीज की शुरुआती जांच की तो बड़ी आंत में कैंसर मिला. इसके बाद पारंपरिक चीरे वाले ऑपरेशन की जगह अत्याधुनिक रोबोटिक तकनीक का इस्तेमाल करने का फैसला लिया गया. सर्जरी के दौरान रोबोटिक आर्म्स की मदद से बड़ी आंत के केवल उतने ही हिस्से को बेहद सटीकता से काटा और निकाला गया, जितना कैंसर से प्रभावित था.
क्या होती है रोबोटिक सर्जरी और इसके फायदे?
पारंपरिक सर्जरी में डॉक्टर को मरीज के शरीर पर बड़ा चीरा (Cut) लगाना पड़ता है, लेकिन रोबोटिक सर्जरी पूरी तरह से अलग और एडवांस होती है. इसमें शरीर पर बहुत बड़े चीरे नहीं लगाए जाते. छोटे-छोटे छेदों के जरिए कैमरे और रोबोटिक उपकरण शरीर में डाले जाते हैं. इससे मरीज को सर्जरी के बाद दर्द बहुत कम होता है. मशीन की सटीकता इतनी ज्यादा होती है कि आसपास की नसों को नुकसान नहीं पहुंचता, जिससे ब्लीडिंग भी बेहद कम होती है और खून चढ़ाने की जरूरत कम पड़ती है. बड़े घाव न होने के कारण मरीज बहुत जल्दी ठीक होकर अपने पैरों पर चलने लगता है. सर्जन एक 3D कंसोल (स्क्रीन) पर बैठकर रोबोट को कमांड देते हैं, जिससे कैंसर वाले हिस्से को शत-प्रतिशत सटीकता के साथ निकाला जा सकता है.













