बॉलीवुड की दिग्गज सिंगर लता मंगेशकर भले ही इस दुनिया में नहीं, लेकिन वो आज भी अपने गानों की वजह से लोगों के दिलों में जिंदा है। ‘सुर साम्राज्ञी’ लता मंगेशकर ने अपने सिंगिंग करियर में कई शानदार गाने दिए हैं, जो आज भरी फैंस के दिलों को सुकून देती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि लता मंगेशकर को राज कपूर ने एक फिल्म ऑफर की थी, जिसे उन्होंने एक कमेंट की वजह से एक झटके में ठुकरा दिया था। रिलीज के बाद ये फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी। जानिए क्या थी पूरी कहानी:
लता मंगेशकर थी फिल्म के लिए पहली पसंद
दरअसल, हम जिस फिल्म की बात कर रहे हैं वो साल 1978 में रिलीज हुई ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ है। इसकी कहानी ‘रूपा’ नाम की गांव की लड़की के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका चेहरा बचपन में ही जल गया था। ‘रूपा’ का चेहरा भले ही जला था, लेकिन उसकी आवाज हर किसी को अपना दीवाना बना देती थी। ‘रूपा’ का किरदार फिल्म में जीनत अमान ने निभाया है। लेकिन ये बात कम लोग ही जानते होंगे कि इस रोल के लिए पहली पसंद लता मंगेशकर थीं।
लता थी इस फिल्म की प्रेरणा
साल 2002 में पब्लिश हुई राज कपूर की बेटी रितु नंदा की किताब में इस बात का जिक्र किया गया था। इसमें मुताबिक राज कपूर ने खुद स्वीकार किया था कि उन्होंने एक साधारण चेहरे और दिव्य आवाज वाली महिला की कल्पना करते हुए इस फिल्म की कहानी लिखी थी। यही वजह थी कि राज कपूर ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ में जीनत को नहीं बल्कि लता मंगेशकर को कास्ट करना चाहते थे। हालांकि उनकी यह तमन्ना पूरी नहीं हुई और जीनत के साथ इस फिल्म को पूरा करना पड़ा।
राज कपूर ने कह दी थी चुभने वाली बात
इसी किताब में बताया गया है कि राज कपूर का मानना था कि शरीर की सुंदरता मायने नहीं रखती। उन्होंने कहा था, ‘एक पत्थर आप उस पर सिंदूर या धर्म का निशान लगा दें, तो वह भगवान बन जाता है। मायने ये रखता है कि आप चीजों को कैसे देखते हैं। मान लीजिए, आपने एक बहुत खूबसूरत आवाज सुनी, लेकिन जब आपने उस आवाज वाली महिला को देखा तो वह एक साधारण या बदसूरत लड़की निकली।’ बस राज कपूर के इस बयान को लता जी से जोड़ कर देखा जाने लगा, जो लता जी को अच्छा नहीं लगा।
गाने से भी किया मना
राज कपूर की इसी बात से वो इतना दुखी हुईं कि उन्होंने फिल्म करने से साफ इनकार कर दिया। यही नहीं वो इतनी ज्यादा नाराज हुईं कि उन्होंने फिल्म में एक्टिंग ही नहीं, बल्कि इस मूवी में गाना गाने से भी साफ इनकार कर दिया था। हालांकि, बाद में राज कपूर और संगीतकार लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने किसी तरह समझा-बुझाकर लता मंगेशकर को टाइटल ट्रैक गाने के लिए मना लिया था। फिल्म में जीनत अमान के साथ शशि कपूर लीड रोल में थे।















