Shopping cart

Magazines cover a wide array subjects, including but not limited to fashion, lifestyle, health, politics, business, Entertainment, sports, science,

TnewsTnews
  • Home
  • देश-विदेश
  • ईरान से चीन के लिए निकला था LPG जहाज, भारत ने बीच में ही खरीद लिया; रुपये में पेमेंट
देश-विदेश

ईरान से चीन के लिए निकला था LPG जहाज, भारत ने बीच में ही खरीद लिया; रुपये में पेमेंट

अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण साल 2019 से थमा भारत-ईरान ऊर्जा व्यापार एक बार फिर शुरू होता दिख रहा है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा तेल और गैस की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए दी गई 30 दिनों की विशेष छूट के बाद ईरान से लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लेकर चला एक टैंकर भारत के पश्चिमी तट पर पहुंचने वाला है।

शिपिंग डेटा (LSEG) के अनुसार, ‘ऑरोरा’ नामक प्रतिबंधित पोत ईरानी एलपीजी ले जा रहा है। आज इसके मंगलुरु बंदरगाह पर पहुंचने की उम्मीद है। दिलचस्प बात यह है कि यह कार्गो मूल रूप से चीन के लिए रवाना हुआ था, लेकिन बदलती परिस्थितियों के बीच इसे भारत की ओर मोड़ दिया गया। रॉयटर्स के सूत्रों के अनुसार, यह खेप एक ट्रेडर के माध्यम से खरीदी गई है और इसका भुगतान भारतीय रुपयों में किया जाएगा।

3 कंपनियों के बीच वितरण
भारत वर्तमान में दशकों के सबसे गंभीर गैस आपूर्ति संकट से जूझ रहा है। एलपीजी का दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा आयातक होने के नाते भारत अपनी 60% मांग आयात से पूरी करता है। इस खेप को देश की तीन प्रमुख सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के बीच वितरित किया जाएगा। घरेलू रसोई गैस की जरूरतों को सुरक्षित करने के लिए सरकार ने उद्योगों को होने वाली गैस आपूर्ति में पहले ही कटौती कर दी है।

एक ओर जहां सूत्रों ने खरीद की पुष्टि की है, वहीं दूसरी ओर सरकारी स्तर पर अभी भी सावधानी बरती जा रही है। केंद्रीय जहाजरानी मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “ईरान से किसी भी लोडेड कार्गो की हमें जानकारी नहीं मिली है।”

होर्मुज में फंसे जहाजों की निकासी
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में भारत की ऊर्जा आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। सरकार वहां फंसे अपने जहाजों को निकालने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रही है। शिवालिक, नंदा देवी, पाइन गैस और जग वसंत जैसे चार टैंकरों को सफलतापूर्वक सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है। फारस की खाड़ी में फंसे खाली जहाजों पर भी एलपीजी लोड करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है ताकि देश में आपूर्ति सुचारू बनी रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts