रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई
समाचार डेस्क। रायगढ़ पुलिस ने बैंक में फर्जी अकाउंट खोलने वाले गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। शाखा में दो बैंक कर्मचारी और दो स्थानीय एजेंट शामिल हैं। सकारात्मक स्थानीय आत्माओं को सरकारी योजनाओं में लाभ पहुंचाने के लिए बैंक के अकाउंट खुलवाते थे और इस अकाउंट में फर्जी ट्रांजैक्शन करते थे। खास बात यह है कि बैंक खाते में महादेव सट्टा एप और लोटस ऐप में भी कुछ ट्रांजैक्शन किए गए हैं। पुलिस ने करीब 50 बैंक खाते जब्त किए हैं। उत्साहित रायगढ़ के जूट मिल इलाके में रहने वाले जीवन लाल साहू को स्थानीय एजेंट अरुण रात्रे ने सरकारी योजनाओं का लाभ देने का झांसा देकर इंडस बैंक में अकाउंट खुलवाया। कुछ दिनों बाद जब विश्वलाल को उसके खाते में बैंक ट्रांजेक्शन होने की जानकारी, ईमेल और मैसेज के माध्यम से मिली तो उसने बैंक मैनेजर दिनेश यादव को शिकायत की। लेकिन बैंक प्रबंधन ने बिजी शेड्यूल बताते हुए उसे वापस भुगतान कर दिया। इसी दौरान पीड़ित जीवनलाल को यह जानकारी मिली कि कथित एजेंट ने कुछ अन्य लोगों का भी इसी तरह का खाता खोला है। पीड़ित ने इसकी शिकायत साइबर सेल में की जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को इंडसइंड बैंक के ऑपरेशन मैनेजर दिनेश यादव की भूमिका संदिग्ध नजर आई। दिनेश यादव के तार एजेंट अरुण रात्रे और सुनील साहू से जुड़े हुए मिले जो कि सट्टा कारोबार से जुड़े हुए हैं। पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई कि इंडसइंड बैंक के दोनों एजेंट मैनेजर दिनेश यादव और कर्नाटक बैंक के सेल्स एसोसिएट दीपक गुप्ता को बैंक अकाउंट खोलने के बदले में चार से 5000 रुपये कमीशन देते थे। पुलिस ने जब चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया तो सारे मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने लगभग 50 बैंक खातों का पता लगाया है, जिसमें पुलिस ने फर्जी लेनदेन किया है। बैंक खाते में महादेव सट्टा एप और लोटस ऐप में भी ट्रांजैक्शन किया गया है। पुलिस ने सभी आरोपों को होल्ड करते हुए मामले की जांच शुरू की है। पुलिस ने बैंक अकाउंट की डिटेल भी बैंक से खरीदी है। लाखों रुपए का लेनदेन पाया गया है। पुलिस का कहना है कि बैंक डिटेल मिलने के बाद मामले में और आगे जांच में मदद मिल सकती है।















