रायगढ़ जिले में पीएम आवास योजना पटरी पर नहीं आ पा रही है। योजना के तहत जिले में 47 हजार आवासों के निर्माण लक्ष्य केंद्र सरकार ने दिया है लेकिन जानकर हैरत होगी कि अभी भी जिले में 3 हजार से अधिक आवासों की नींव तक नहीं रखी जा सकी है। इतना ही नहीं तकरीबन 5 हजार हितग्राहियों की दूसरी या फिर तीसरी किश्त अटकी हुई है। ऐसे में योजना को लेकर कांग्रेस सवाल उठा रही है। कांग्रेस का कहना है किर राज्य सरकार पीएम आवासों के नाम पर झूठी वाहवाही बटोर रही है जबकि योजना हकीकत से अभी भी कोसों दूर है। दरअसल प्रदेश में काबिज भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही प्रदेश में 18 लाख परिवारों को पीएम आवास आबंटन का वादा किया था। केंद्र की ओर से जिले को 47 हजार नए आवासों के निर्माण का टारगेट भी दिया गया था। जिले में सबसे अधिक पुसौर ब्लाक में 9458 आवास, रायगढ़ में 9073 आवास, धरमजयगढ़ में 5021, खरसिया में 4489, लैलूंगा में 5335,तमनार में 1010 और घरघोडा में 2103 आवासों का निर्माण करना था। पूर्व में स्वीकृत 11 हजार 400 आवासों को भी हर हाल में बारिश के पहले पूर करने के निर्देश जिला पंचायत को दिए गए थे। लेकिन जानकर हैरत होगी कि छह महीने बाद भी जिले में 3 हजार से अधिक आवासों की नींव नहीं रखी जा सकी है। ऐसे में जहां हितग्राही पंचायतों के चक्कर काट रहे हैं तो वहीं कांग्रेस योजना में लेटलतीफी को लेकर सवाल उठा रही है। कांग्रेस का कहना है कि राज्य सरकार पीएम आवास निर्माण के झूठे आंकड़े पेश कर वाहवाही बटोर रही है, जबकि आवासों के निर्माण की जमीनी हकीकत वास्तविकता से कोसों दूर है। हितग्राहियों को किश्त की राशि नही मिलने की वजह से वे परेशान हो रहे हैं और सरकार अपनी पीठ खुद थपथपा रही है। जिला प्रशासन को अधूरे आवासों को पूरा करने की दिशा में सार्थक कदम उठाना चाहिए। बाइट इधर प्रशासनिक अधिकारी पीएम आवासों के निर्माण के मामले में जिले की स्थिति बेहतर बता रहे हैं। जिला पंचायत सीईओ का कहना है कि पीएम आवासों के निर्माण के मामले में जिला प्रदेश में पांचवे पायदान पर है। जिले में अधिकांश हितग्राहियों के आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। कईयों का निर्माण पूरा हो चुका है तो कई तीव्र गति से हो रहे हैं। जिले में पीएम आवासों के प्रोग्रेस की हर दिन मानीटरिंग की जा रही है। कुछ हितग्राहियों के पलायन करने या फिर बाहर होने की वजह से उनकी जियो टेगिंग नहीं हो पा रही है। जिले में जल्द ही शत प्रतिशत हितग्राहियों को आवास निर्माण किया जाएगा।















