दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज फिर एम्स जाकर सत्य निकेतन की घटना में घायल हुए लोगों के परिवारों से मुलाकात की। इस दर्दनाक घटना में 7 लोगों की मौत हो गई थी। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए रेखा गुप्ता ने यह बताया कि हादसे वाली इमारत के ठीक बगल में स्थित एक और खतरनाक बिल्डिंग को कल गिराया जाएगा।
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने सोमवार को सत्य निकेतन इमारत ढहने की घटना के सिलसिले में गिरफ्तार पति हरिराम गुप्ता और पत्नी उर्मिला गुप्ता को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। वहीं, उनके बेटे महेश गुप्ता को दो दिन की पुलिस रिमांड में भेजा गया है। रविवार को सत्य निकेतन में करीब 50 साल पुरानी एक इमारत ढह गई थी। इस इमारत में लड़कों के लिए पेइंग गेस्ट (पीजी) का संचालन किया जा रहा था। हादसे में सात लोगों की मौत हो गई।
सरकार घायलों और पीड़ित परिवारों को देगी आर्थिक मदद
रेखा गुप्ता ने कहा कि मैं घायल बच्चों से मिली हूं। 12 लोगों को घायल हालत में बाहर निकाला गया था। उनमें से सात की मौत हो चुकी थी। उन सात लोगों में से दो मजदूर थे। एक मजदूर यहां भर्ती है और अभी उसकी हालत ठीक है। उसके पैर में गंभीर चोट है, जिसका इलाज चल रहा है। यहां भर्ती दो बच्चे पूरी तरह ठीक हैं और उन्हें आज छुट्टी दे दी जाएगी। एक बच्चा आईसीयू में है। उसकी हालत ज्यादा गंभीर है और वहां उसका इलाज चल रहा है। मैं उनके माता-पिता से भी मिली हूं। हमने उन्हें भरोसा दिलाया है कि उन्हें सबसे अच्छा इलाज दिया जाएगा और सरकार पूरी मदद और सहायता करेगी। हम इन बच्चों और मजदूरों के परिवारों को आर्थिक मदद भी देंगे।
शवों को भेजने के लिए सरकार ने इंतजाम किए
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, वे शव लेकर दिल्ली से जा चुके हैं। सरकार ने सभी जरूरी इंतजाम किए थे और हम सभी माता-पिता के संपर्क में हैं। पीजी हादसे वाली जगह पर ठीक बगल में एक इमारत है—वह इमारत खतरनाक है। उसे असुरक्षित घोषित किया गया है। उसे कल गिराया जाना है।
दिल्ली में पांच मंजिला अवैध इमारतें सील करने का आदेश
बता दें कि, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को बताया था कि दिल्ली में सभी पांच मंजिला अवैध भवनों को तत्काल सील करने के आदेश दिए गए हैं। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब दिल्ली नगर निगम के अधिकारी ‘खतरनाक’ और ‘जर्जर’ भवनों की पहचान के लिए नए सिरे से सर्वे कर रहे हैं।
एमसीडी ने सोमवार को एक आदेश जारी कर अधिकारियों को ऐसे भवनों के खिलाफ डीएमसी एक्ट के तहत तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया। सहायक अभियंताओं को नियमित क्षेत्रीय निरीक्षण करने और निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है तथा ढही हुई इमारत के मालिक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और कानूनी कार्यवाही जारी है। गुप्ता ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”दिल्ली भर में अनधिकृत पांचवीं मंजिल वाले भवनों को तत्काल सील करने के आदेश दिए गए हैं। आसपास के पीजी और अन्य भवनों की भी गहन जांच की जा रही है। नियमों के उल्लंघन पर सीलिंग सहित सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
दिल्ली में मकान बनाने के लिए क्या नियम
दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की 2016 की भवन उपविधियों के अनुसार 17.5 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली इमारतों को हाई-राइज इमारत माना जाता है। दिल्ली में 17.5 मीटर की सीमा के भीतर निवासी अधिकतम चार मंजिल और स्टिल्ट पार्किंग का निर्माण कर सकते हैं, जिससे कुल पांच मंजिल की इमारत बन सकती है। स्टिल्ट पार्किंग के बिना भवन की ऊंचाई 15 मीटर तक सीमित है।













