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नंदकुमार पटेल यूनिवर्सिटी यूजीसी की डिफाल्टर सूची में

समय पर नहीं की लोकपाल की नियुक्ति. यूजीसी ने की कार्रवाई

प्रदेश की पांच अन्य यूनिवर्सिटी का भी नाम

न्यूज डेस्क। रायगढ़ की नंदकुमार पटेल यूनिवर्सिटी सहित प्रदेश की पांच अन्य यूनिवर्सिटीज को यूजीसी ने डिफाल्टर सूची में डाल दिया है। यूजीसी ने ये कार्रवाई समय पर लोकपाल की नियुक्ति नहीं करने के मामले में की है। इस मामले को लेकर यूजीसी ने यूनिवर्सिटी प्रबंधन को नोटिस भी जारी किया है। हालांकि नंदकुमार पटेल यूनिवर्सिटी प्रबंधन का कहना है कि फरवरी महीने में ही लोकपाल की नियुक्ति कर दी गई थी और इसकी सूचना भी यूजीसी की वेबसाइट पर दे दी गई थी। यूनिवर्सिटी प्रबंधन का कहना है कि जानकारी अपडेट नहीं होने की वजह से इस तरह के भ्रम की स्थिति निर्मित हुई है। दोबारा यूजीसी की इस संबंध में जानकारी भेजी गई है।
दरअसल यूजीसी की गाइड लाइन के मुताबिक सभी विश्व विद्यालयों को अपने संस्थान में छात्र हित को ध्यान में रखते हुए लोकपाल की नियुक्ति करनी होती है। इस पद पर सेवानिवृत्त कुलपति दस वर्षों का अनुभव वाले प्रोफेसर, या पूर्व जिला जज को नियुक्त किया जा सकता है। नोटिफिकेशन जारी होने के एक साल के भीतर ये नियुक्ति होनी जरुरी है। रायगढ़ के शहीद नंदकुमार पटेल यूनिवर्सिटी को यूजीसी ने 17 जनवरी 2024 को एक पत्र जारी किया था जिसमें लोकपाल की नियुक्ति नहीं होने के संबंध में जानकारी मांगी गई थी। इसके बाद जून 2024 में यूजीसी ने डिफाल्ट विश्व विद्यालयों की सूची जारी की है जिसमें रायगढ़ के शहीद नंदकुमार पटेल यूनिवर्सिटी के साथ ही साथ आयुष हेल्थ एंड साइंस विश्व विद्यालय रायपुर, छत्तीसगढ़ कामधेनु यूनिवर्सिटी अंजोरा दुर्ग, इंदिरा गांधी कृषि विवि रायपुर, महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकि विश्व विद्यालय पाटन शामिल है। हालांकि मामला सामने आने के बाद नंदकुमार पटेल यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने अपना जवाब दिया है। यूनिवर्सिटी की रजिस्ट्रार डा इंदु अनंत का कहना है कि यूनिवर्सिटी ने फरवरी महीने में ही लोकपाल की नियुक्ति कर दीथी और इसकी सूचना भी ईमेल के जरिए यूजीसी को भेजी गई थी। यूजीसी की सूची में यूनिवर्सिटी का नाम कैसे आ गया ये उन्हें भी नहीं पता। यूनिवर्सिटी की ओर से फिर से लोकपाल नियुक्ति की सूचना यूजीसी को भेज दी गई है।

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